Brazil Zoo Tragedy: ब्राजील के चिड़ियाघर में शेरनी के बाड़े में घुसा 19 वर्षीय युवक, हमले में मौत (Video)
उत्तर-पूर्वी ब्राजील के जोआओ पेसोआ शहर स्थित 'अरुडा कैमारा जू-बॉटनिकल पार्क' में सुरक्षा दीवार फांदकर शेरनी के बाड़े में घुसे 19 वर्षीय युवक की शेरनी के हमले में मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के सामने घटी इस दुखद घटना के बाद चिड़ियाघर प्रशासन और नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि शेरनी ने अपने प्राकृतिक स्वभाव के अनुसार प्रतिक्रिया दी थी, इसलिए उसे इच्छा-मृत्यु नहीं दी जाएगी.
जोआओ पेसोआ (ब्राजील): ब्राजील के पाराइबा राज्य की राजधानी जोआओ पेसोआ स्थित प्रसिद्ध अरुडा कैमारा जू-बॉटनिकल पार्क (Parque Zoobotânico Arruda Câmara - Bica) में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. चिड़ियाघर में घूमने पहुंचे 19 वर्षीय युवक ने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे शेरनी के बाड़े में छलांग लगा दी. बाड़े में मौजूद 'लियोना' (Leona) नाम की शेरनी के हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद चिड़ियाघर को आम जनता के लिए बंद कर दिया और मामले की विस्तृत फॉरेंसिक और प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या युवती की गोद में सिर रखकर सोता दिखा रॉयल बंगाल टाइगर? जानिए इंटरनेट पर वायरल वीडियो का सच
सुरक्षा दीवार और पेड़ के सहारे बाड़े में घुसा था युवक
रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक की पहचान गेर्सन डी मेलो मचाडो (Gerson de Melo Machado, 19 वर्ष) के रूप में हुई है.
- सुरक्षा घेरे का उल्लंघन: युवक ने लगभग 6 मीटर (20 फीट से अधिक) ऊंची सुरक्षा दीवार और फेंसिंग को पार किया. इसके बाद वह बाड़े के भीतर लगे एक पेड़ के तने के सहारे नीचे उतरा.
- प्रत्यक्षदर्शियों के सामने हमला: बाड़े के बाहर खड़े अन्य पर्यटकों ने युवक को पेड़ से नीचे उतरते देखा और शोर मचाया. इसी दौरान पास में मौजूद शेरनी ने अचानक उसकी ओर दौड़ लगाई और जमीन पर खींच लिया.
- तत्काल रेस्क्यू: घटना की जानकारी मिलते ही जू सुरक्षा दल और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण युवक की जान नहीं बचाई जा सकी.
ब्राजील के चिड़ियाघर में शेरनी के बाड़े में घुसा 19 वर्षीय युवक
शेरनी को नहीं दी जाएगी इच्छा-मृत्यु
घटना के बाद सोशल मीडिया और वन्यजीव प्रेमियों के बीच शेरनी के भविष्य को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं. चिड़ियाघर प्रशासन और जोआओ पेसोआ नगर पालिका ने आधिकारिक बयान जारी कर सभी संशयों को दूर कर दिया है:
- प्राकृतिक प्रतिक्रिया: जू प्रशासन के पशु चिकित्सकों ने बताया कि शेरनी ने केवल अपने क्षेत्र में बाहरी घुसपैठिए को देखकर प्राकृतिक रक्षात्मक प्रतिक्रिया दी.
- यूथेनेशिया से इनकार: पार्क प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि शेरनी पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य परिस्थितियों में आक्रामक व्यवहार नहीं दिखाती, इसलिए उसे 'इच्छा-मृत्यु' (Euthanasia) देने का कोई विचार नहीं है.
- निगरानी में शेरनी: घटना के बाद शेरनी तनावग्रस्त स्थिति में है, जिसकी वजह से वेटरनरी डॉक्टरों और ट्रेनर्स की टीम उसकी मानसिक व शारीरिक स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही है.
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलू की जांच
स्थानीय बाल कल्याण अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक युवक लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था. प्रारंभिक पुलिस जांच में इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि क्या युवक ने यह कदम जानबूझकर उठाया था.
चिड़ियाघर प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की बात कही है और जांच पूरी होने तक पार्क को आगंतुकों के लिए बंद रखने का फैसला लिया है.