Bilaspur Devar-Bhabhi Viral Video Row: नौकरी से निकाले जाने पर ट्रांसपोर्टर के परिवार को किया ब्लैकमेल; निजी वीडियो वायरल करने के आरोप में 3 पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी के परिवार का निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। नौकरी से हटाए जाने के बाद आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था.
Bilaspur Devar-Bhabhi Viral Video Row: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) जिले में एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के परिवार को निजी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और उसे सोशल मीडिया (Social Media) पर प्रसारित करने का गंभीर मामला सामने आया है. मस्तूरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों को वित्तीय अनियमितताओं के चलते नौकरी से निकाला गया था. इसके बाद रंजिश रखते हुए आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के निजी वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें धमकाना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. यह भी पढ़ें: Noida Viral Video: पति को दूसरी महिला के फ्लैट पर देख भड़की पत्नी, गौर सिटी-2 में जमकर हुई हाथापाई; पुलिस जांच शुरू
नौकरी से निकाले जाने के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित व्यवसायी ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़े हैं और उन्होंने अपने खातों तथा वित्तीय लेन-देन के प्रबंधन के लिए कुछ स्थानीय युवकों को काम पर रखा था. खातों के ऑडिट में गड़बड़ी पाए जाने पर कारोबारी ने संबंधित कर्मचारियों को काम से हटा दिया था.
नौकरी से निकाले जाने के बाद आरोपियों और कारोबारी परिवार के बीच विवाद गहरा गया. आरोपियों ने कारोबारी के भाई और परिजनों को निशाना बनाना शुरू किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं.
निजी वीडियो से ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया पर प्रसार
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों के पास व्यवसायी के परिजनों से संबंधित आपत्तिजनक और निजी वीडियो मौजूद थे। इन वीडियो के आधार पर आरोपियों ने परिवार पर दबाव बनाया और पैसे व अन्य मांगों को लेकर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकियां भी दीं. बाद में आरोपियों ने इस निजी वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लीक कर दिया, जिससे पीड़िता और उनके परिवार को भारी मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक संकट का सामना करना पड़ा.
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पुलिस कार्रवाई और डिजिटल फॉरेंसिक जांच
पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत के आधार पर मस्तूरी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह वीडियो कैसे और किन माध्यमों से रिकॉर्ड व हासिल किया गया था तथा इसे सोशल मीडिया पर किन-किन प्रोफाइल्स के जरिए साझा किया गया.
निजी सामग्री साझा करने पर पुलिस की सख्त चेतावनी
बिलासपुर पुलिस ने आम जनता को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी व्यक्तिगत तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड करना, अपने पास रखना या सोशल मीडिया पर साझा करना गैरकानूनी और संज्ञेय अपराध है.
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके सामने सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कोई आपत्तिजनक या निजी सामग्री आती है, तो उसे आगे फॉरवर्ड या रीपोस्ट न करें. ऐसा कंटेंट दिखने पर सीधे साइबर सेल या नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके.