ITR Filing Late Fee Viral Claim: केवल 2.5 घंटे की देरी से ITR भरने पर लगा ₹5,000 का जुर्माना, वायरल पोस्ट पर छिड़ी बहस
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की अंतिम तिथि बीतने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. पोस्ट में दावा किया गया है कि डेडलाइन से केवल ढाई घंटे की देरी से रिटर्न दाखिल करने पर एक करदाता पर 5,000 रुपये की लेट फीस लगा दी गई, जिसके बाद इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच कर नियमों को लेकर बहस छिड़ गई है.
नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने के साथ ही सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वायरल पोस्ट (Viral Post) को लेकर करदाताओं के बीच चर्चा शुरू हो गई है. वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि डेडलाइन बीतने के महज 2.5 घंटे (ढाई घंटे) बाद रिटर्न फाइल करने पर सिस्टम ने एक पहली बार रिटर्न भरने वाले करदाता पर ₹5,000 की लेट फीस लगा दी.
सोशल मीडिया यूजर @poojaofficial5 द्वारा साझा की गई इस पोस्ट के बाद ऑनलाइन यूजर आयकर विभाग के कड़े नियमों और पेनाल्टी सिस्टम पर विभाजित नजर आ रहे हैं. यह भी पढ़ें: ITR Filing Deadline August 31: बिना टैक्स ऑडिट के किन्हें 31 अगस्त तक भरना होगा ITR-3 और ITR-4? जानें नियम
वायरल पोस्ट में क्या दावा किया गया?
वायरल पोस्ट के अनुसार, यह मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा है जो अपनी मां का इनकम टैक्स रिटर्न पहली बार भर रहा था. वह सटीक और सही जानकारी दर्ज करने के लिए एक आवश्यक वित्तीय दस्तावेज (Financial Document) का इंतजार कर रहा था, जिसके कारण फाइलिंग में थोड़ी देर हो गई.
दावे के मुताबिक:
- जब तक उपयोगकर्ता ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन किया, तब तक निर्धारित समय-सीमा समाप्त हुए लगभग ढाई घंटे बीत चुके थे.
- समय सीमा समाप्त होते ही पोर्टल के स्वचालित सिस्टम (Automated System) ने मानक विलंब शुल्क लागू कर दिया.
- इसके परिणामस्वरूप, करदाता का मूल देय कर (Tax Liability) जो केवल ₹850 था, ₹5,000 की लेट फीस जुड़ने के बाद बढ़कर ₹5,850 हो गया.
महिला की वायरल पोस्ट का दावा है कि पहली बार रिटर्न भरने वाले को 5,000 रुपये की लेट फीस देनी पड़ी
'आखिरी पल तक इंतज़ार क्यों करें'
सोशल मीडिया पर बंटे यूजर: कड़ाई जरूरी या मिले छूट?
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नियम पालन और राहत को लेकर दो अलग-अलग विचार सामने आए हैं:
- सख्त नियमों के समर्थक: कुछ उपयोगकर्ताओं का तर्क है कि करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के लिए कई महीनों का पर्याप्त समय दिया जाता है. अंतिम समय में फाइलिंग करने के बजाय 15 दिन पहले प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए ताकि ऐसी स्थिति से बचा जा सके.
- लचीलेपन की मांग करने वाले: दूसरी ओर, कई उपयोगकर्ताओं ने करदाता के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि केवल ढाई घंटे की देरी और ईमानदार मंशा के बावजूद वास्तविक टैक्स से सात गुना अधिक जुर्माना लगाना अनुचित है. उनका मानना है कि मानवीय गलतियों के लिए प्रणाली में कुछ छूट या 'ग्रेस पीरियड' होना चाहिए.
क्या कहते हैं आयकर के नियम?
आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत निर्धारित तिथि के बाद रिटर्न जमा करने पर विलंब शुल्क (Belated ITR Late Fee) स्वतः लागू होता है.
कर नियमों के अनुसार, यदि कुल आय ₹5 लाख से अधिक है तो अंतिम तिथि के बाद रिटर्न भरने पर ₹5,000 का जुर्माना लगता है, जबकि ₹5 लाख तक की आय वाले छोटे करदाताओं के लिए यह अधिकतम लेट फीस ₹1,000 निर्धारित है. पोर्टल का सिस्टम दर्ज विवरणों के आधार पर इस राशि की गणना स्वयं करता है.
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस विशेष दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन इसने अंतिम समय में रिटर्न दाखिल करने के जोखिम को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है.