World Animal Protection Day 2025: ‘मूक जानवरों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है,’ अपने इष्ट-मित्रों को ऐसे कोट्स भेजकर उनके प्रति संवेदना दर्शाएं!

  विश्व पशु दिवस हर साल अक्टूबर को मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य जानवरों के अधिकारों और उनके कल्याण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना तथा लोगों को यह समझाना कि जानवर भी भावनाओं वाले जीव होते हैं, और उन्हें भी सम्मान, करुणा और प्राकृतिक जीवन जीने का अधिकार है. यह दिवस सभी जानवरों की सुरक्षा, संरक्षण और उचित देखभाल की आवश्यकता को उजागर करता है. इस दिवस की शुरुआत 1931 को इटली में एक पर्यावरण सम्मेलन के दौरान हुई थी. 4 अक्टूबर की तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि यह दिन सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी की पुण्यतिथि है, जो जानवरों के संरक्षक माने जाते थे. विश्व पशु संरक्षण दिवस के अवसर पर कुछ प्रेरक कोट्स दिये गये हैं. इन कोट्स को अपने इष्ट-मित्रों को भेजकर इस दिवस को सार्थक बनाएं. यह भी पढ़ें : National Boyfriend Day 2025: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय बॉय फ्रेंड दिवस? जानें बॉय फ्रेंड्स दिवस का इतिहास एवं सेलिब्रेशन के रोचक टिप्स!

विश्व पशु संरक्षण दिवस के लिए प्रेरक कोट्स

* ‘किसी राष्ट्र की महानता और उसकी नैतिक प्रगति का आकलन उसके पशुओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार से किया जा सकता है.’  – महात्मा गांधी

* ‘जब तक कोई किसी पशु से प्रेम नहीं करतातब तक उसकी आत्मा का एक अंश जागृत नहीं होता.’

– अनातोले फ्रांस

* ‘हम किसी व्यक्ति के हृदय का आकलन उसके पशुओं के साथ किए गए व्यवहार से कर सकते हैं.’

– इमैनुएल कांट

* ‘पशुओं के प्रति करुणा का चरित्र की अच्छाई से गहरा संबंध है.’   – आर्थर शोपेनहावर

* ‘हर प्राणी जीवित रहने से बेहतर हैमनुष्यमूस और भालूइन सभी का दुनिया में अपना स्थान है.’

– हेनरी डेविड थोरो

* ‘प्रश्न यह नहीं है कि क्या वे तर्क कर सकते हैंन ही यह कि क्या वे बात कर सकते हैंबल्कि यह है कि क्या वे कष्ट सह सकते हैं?.’   – जेरेमी बेंथम

* ‘एक पशु को बचाने से दुनिया नहीं बदलेगीबल्कि उस एक पशु के लिए दुनिया बदल जाएगी.’ – अज्ञात

* ‘पशु उपयोग की वस्तु नहीं हैंवे सम्मान के योग्य जीवन हैं.’ – अज्ञात

* ‘जानवरों के प्रति करुणा चरित्र की अच्छाई से गहराई से जुड़ी है.’ - आर्थर शोपेनहावर

* ‘बेज़ुबानों की आवाज़ बनो.’ अनाम

* ‘सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया हम सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाती है.’

* ‘पशु तर्कशील प्राणी हैंवे भी महसूस करते हैंउन्हें दर्द न दें.’

* पृथ्वी पर सभी जीव जीने का समान अधिकार रखते हैंसिर्फ इंसान नहीं.’

* मूक जानवरों की रक्षा हमारी ज़िम्मेदारी है,’