Shravan 2026 Dates Difference: महाराष्ट्र और उत्तर भारत में अलग-अलग तिथियों पर क्यों शुरू होता है सावन? जानें कारण और 2026 का कैलेंडर

उत्तर भारत और महाराष्ट्र समेत दक्षिण-पश्चिमी राज्यों में सावन (श्रावण) महीने की तिथियों में लगभग 15 दिनों का अंतर होता है. जानें पंचांग गणना के इस अंतर का मुख्य कारण और वर्ष 2026 में दोनों क्षेत्रों में सावन शुरू व समाप्त होने की सटीक तारीखें.

सावन 2026 (Photo Credits: File Image)

Shravan 2026 Dates Difference: भगवान शिव (Bhagwan Shiv) की उपासना का पावन महीना 'सावन' (श्रावण) (Sawan) हर साल देश भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. हालांकि, कई श्रद्धालुओं के मन में इस बात को लेकर असमंजस रहता है कि उत्तर भारत (North India) और महाराष्ट्र (Maharashtra) में सावन के महीने की शुरुआत और समापन की तिथियों में अंतर क्यों होता है.

वर्ष 2026 में उत्तर भारत में जहां सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त हो रहा है, वहीं महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में इसकी शुरुआत 13 अगस्त से होगी और यह 11 सितंबर को समाप्त होगा. इस अंतर का मुख्य कारण हिंदू पंचांग की दो अलग-अलग गणना प्रणालियां हैं. यह भी पढ़ें: Guru Purnima Per Nibandh: गुरु-शिष्य परंपरा का पावन पर्व है गुरु पूर्णिमा, इस निबंध के जरिए अपने गुरुजनों के प्रति व्यक्त करें आदर

पंचांग की दो पद्धतियां: पूर्णिमांत बनाम अमान्त

हिंदू काल गणना में चंद्र मास (Lunar Month) को दो प्रमुख पद्धतियों के आधार पर मापा जाता है—'पूर्णिमांत' (Purnimanta) और 'अमान्त' या 'अमावस्यांत' (Amavasyant).

वर्ष 2026 में सावन की तिथियों की तुलना

पंचांगीय अंतर के कारण दोनों क्षेत्रों में सावन सोमवार के व्रतों की तारीखें भी अलग-अलग रहती हैं:

क्षेत्र / कैलेंडर सावन प्रारंभ सावन समापन सावन सोमवार की तिथियां
उत्तर भारत (पूर्णिमांत) 30 जुलाई 2026 28 अगस्त 2026 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त, 24 अगस्त
महाराष्ट्र / दक्षिण भारत (अमान्त) 13 अगस्त 2026 11 सितंबर 2026 17 अगस्त, 24 अगस्त, 31 अगस्त, 7 सितंबर

(विशेष संयोग: 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के दिन उत्तर भारत का तीसरा और महाराष्ट्र का पहला सावन सोमवार एक साथ पड़ेगा.)

त्योहारों की तिथियों पर प्रभाव

हालांकि दोनों क्षेत्रों में महीने के नाम और तिथियों की गणना अलग दिखती है, लेकिन प्रमुख त्योहारों के वास्तविक दिन (तिथि/नक्षत्र के अनुसार) में कोई अंतर नहीं आता.

उदाहरण के लिए, रक्षाबंधन का पर्व श्रावण पूर्णिमा के दिन ही मनाया जाता है, जो उत्तर भारत में सावन का अंतिम दिन होता है, जबकि महाराष्ट्र में यह सावन के मध्य (मध्य-श्रावण) में पड़ता है. इसी प्रकार, कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि भी दोनों पंचांगों के अनुसार एक ही दिन (4 सितंबर 2026) पड़ती है, भले ही उत्तर भारत में वह भाद्रपद मास में गिनी जाए और महाराष्ट्र में सावन मास में.

Share Now