Ramzan Moon Sighted in India: भारत समेत पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी दिखा रमजान का चांद, 19 फरवरी को पहला रोजा

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में रमजान का चांद नजर आ गया है. दिल्ली, मुंबई और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में चांद दिखने के बाद अब 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा.

(Photo Credits Pixabay)

Ramzan Moon Sighted in India: भारत में बरकतों और इबादतों के पवित्र महीने रमजान (Ramzan 2026) का आगाज हो गया है. बुधवार, 18 फरवरी की शाम को दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और हैदराबाद समेत देश के लगभग सभी बड़े शहरों में रमजान का चांद (Hilal) देखा गया. भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) में भी चांद नजर आने की पुष्टि हो गई है. चांद दिखने के साथ ही आज 'चांद रात' मनाई जा रही है और मुस्लिम समुदाय के लोग 19 फरवरी, गुरुवार को साल का पहला रोजा रखेंगे.

प्रमुख शहरों में हुई चांद की तस्दीक

बुधवार शाम सूर्यास्त के बाद से ही मस्जिदों और इमारतों की छतों पर लोग चांद का दीदार करने के लिए उमड़ पड़े थे. दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद की हिलाल कमेटियों ने चांद दिखने का आधिकारिक ऐलान किया. इसके अलावा लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह और मुंबई की मरकजी हिलाल कमेटी ने भी चांद की तस्दीक की है. उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से चांद दिखने की खबरें आने के बाद देशभर में खुशी का माहौल है.  यह भी पढ़े:  Ramzan Moon Sighted in India: दिल्ली, मुंबई, लखनऊ सहित अन्य शहरों में नजर आया रमजान का चांद, भारत में 19 फरवरी से पहला रोजा

तरावीह की नमाज और इबादत शुरू

चांद नजर आने के बाद आज रात से ही देशभर की मस्जिदों में विशेष नमाज 'तरावीह' का सिलसिला शुरू हो जाएगा. तरावीह की नमाज में पूरे महीने कुरान का पाठ किया जाता है. कल यानी 19 फरवरी को तड़के 'सहरी' के साथ पहले रोजे की शुरुआत होगी और शाम को 'इफ्तार' के साथ रोजा मुकम्मल किया जाएगा.

पड़ोसी देशों और खाड़ी देशों का हाल

पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी बुधवार को ही रमजान का चांद देखा गया है, जिसके चलते वहां भी कल 19 फरवरी को पहला रोजा होगा. वहीं, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे खाड़ी देशों में चांद एक दिन पहले यानी 17 फरवरी को नजर आया था. वहां आज 18 फरवरी को पहला रोजा रखा जा चुका है. भारत में अक्सर भौगोलिक स्थिति के कारण सऊदी अरब के एक दिन बाद चांद दिखाई देता है.

रमजान का धार्मिक महत्व

इस्लामी कैलेंडर (हिजरी सन 1447) के अनुसार रमजान नौवां महीना होता है. इसे आत्म-अनुशासन, संयम और दान-पुण्य का महीना माना जाता है. पूरे महीने रोजेदार सूर्योदय से पहले सहरी और सूर्यास्त के बाद इफ्तार करते हैं. इबादतों के इस दौर के बाद 30 दिनों का महीना पूरा होने पर ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा.

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