Ashadhi Wari 2026: आषाढ़ी वारी के बीच आलंदी में इंद्रायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात; प्रशासन ने वारकारियों से यात्रा रोकने की अपील की

महाराष्ट्र के पुणे जिले में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश के कारण इंद्रायणी नदी उफान पर है. आलंदी शहर को जोड़ने वाले सभी चार पुल पानी में डूब गए हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने 8 जुलाई को होने वाले संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी प्रस्थान सोहळा के लिए आ रहे वारकारियों से अपनी यात्रा सुरक्षित स्थानों पर रोकने की अपील की है.

Ashadhi Wari 2026:  महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल आलंदी में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात गंभीर हो गए हैं. पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रायणी नदी उफान पर है. इस वजह से आलंदी शहर में प्रवेश करने वाले सभी चार प्रमुख पुल पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं. आगामी 8 जुलाई को होने वाले संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी प्रस्थान सोहळा से ठीक पहले आए इस संकट को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने देश भर से आ रहे वारकारियों और श्रद्धालुओं से तुरंत आलंदी न आने की अपील की है.

पुल और घाट डूबे, मौसम विभाग का रेड अलर्ट

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इंद्रायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. नदी के किनारे बने सभी घाट, श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए अस्थायी शिविर और निचले रिहाइशी इलाके जलमग्न हो चुके हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुणे जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी रखा है, जिसका मतलब है कि अगले कुछ घंटों में और भारी बारिश हो सकती है. इसके चलते नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.  यह भी पढ़े: Pandharpur Wari 2022 Schedule: पंढरपुर विठोबा-आषाढ़ी वारी के अवसर पर जानें संत तुकाराम महाराज और ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी समारोह का पूरा कार्यक्रम

सरकार की तरफ से किया गया अनुरोध

प्रशासन और संस्थान की संयुक्त एडवाइजरी

8 जुलाई को होने वाले मुख्य पालखी प्रस्थान समारोह में शामिल होने के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आलंदी पहुंचते हैं. वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान कमेटी ने एक संयुक्त सुरक्षा निर्देश जारी किया है. महाराष्ट्र महानिदेशालय सूचना एवं जनसंपर्क (DGIPR) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा है कि जो वारकारी रास्ते में हैं, वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर अपनी यात्रा रोक दें और आलंदी शहर में प्रवेश करने का प्रयास न करें.

श्रद्धालुओं के लिए जारी मुख्य सुरक्षा निर्देश

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए हैं:

पालखी प्रस्थान कार्यक्रम पर संकट

आषाढ़ी वारी महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है. तय कार्यक्रम के मुताबिक, संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी को 8 जुलाई को आलंदी से पंढरपुर के लिए प्रस्थान करना है. चूंकि बाढ़ की स्थिति पल-पल बदल रही है, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी और पालखी सोहळा के आयोजक इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि बाढ़ का असर पालखी के रूट और रसद (लॉजिस्टिक्स) पर कितना पड़ेगा. आपदा प्रबंधन इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

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