PM Modi Video Row: ‘आपकी स्किन देश के भविष्य से ज्यादा चमक रही है’; पीएम मोदी के वीडियो पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का तंज
संसद में एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी सेल्फी वीडियो पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तीखा तंज कसा है. दिपके ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पीएम की त्वचा देश के भविष्य से भी अधिक चमक रही है.
नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद के बीच संसद द्वारा 'पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026' पारित किए जाने के बाद राजनीति और गरमा गई है. संसद में विधेयक पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक देर रात के 'सेल्फी स्टाइल' वीडियो पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने तीखा हमला बोला है.
प्रधानमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किए गए वीडियो पर टिप्पणी करते हुए अभिजीत दिपके ने लिखा: "आपकी स्किन देश के भविष्य से ज्यादा चमक रही है।" (Your Skin Is Brighter Than The Country's Future). दिपके का यह कमेंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह भी पढ़ें: PM Modi Video Row: ‘आपकी स्किन देश के भविष्य से ज्यादा चमक रही है’; पीएम मोदी के वीडियो पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का तंज
पीएम मोदी का संदेश और कानून में कड़े प्रावधान
पारित हुए नए संशोधन विधेयक की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार देश में एक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई व फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजा सुनिश्चित की जाएगी.
यह पिछले एक सप्ताह में पेपर लीक के मुद्दे और परीक्षा सुधारों को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा जारी किया गया चौथा वीडियो संदेश था.
पीएम मोदी ने देर रात का सेल्फी वीडियो शेयर किया
CJP ने उठाए कानून की नीयत पर सवाल
अभिजीत दिपके और CJP नेतृत्व ने केंद्र सरकार के इन कदमों की आलोचना करते हुए इसे केवल 'पब्लिसिटी' और 'इमेज बिल्डिंग' का जरिया बताया है. दिपके का कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान पेपर लीक रोकने के बजाय घटना घटने के बाद की सजा पर केंद्रित है.
दिपके ने आरोप लगाया कि:
- देशव्यापी छात्र आंदोलनों और हफ़्तों के विरोध प्रदर्शनों के बाद ही सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
- फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा के बावजूद अमल में गंभीर लापरवाही है, जिसका उदाहरण हाल ही में सीबीआई (CBI) के वकील के पेश न होने के कारण सुनवाई का टलना है.
- सरकार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बुनियादी और ढांचागत सुधार (Structural Reforms) करने चाहिए, न कि केवल वीडियो बनाकर युवाओं को गुमराह करना चाहिए.
गरमाती राजनीति और विपक्षी सुर
इससे एक दिन पहले भी अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए उन्हें "पद छोड़कर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने" की सलाह दी थी. इस राजनीतिक बयानबाजी में विपक्षी दल भी शामिल हो गए हैं. हाल ही में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी संसद में कटाक्ष करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री को अपने कैमरे का एंगल बदलने के बजाय दिल का एंगल बदलना चाहिए.
नीट पेपर लीक विवाद और लगातार हो रहे छात्र आंदोलनों के कारण शिक्षा मंत्रालय में बड़े बदलाव देखे गए हैं, जिसके तहत पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी ने मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है. इसके बावजूद छात्र संगठन और CJP संपूर्ण पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर और ठोस सुधारों की मांग पर अड़े हुए हैं.