Yogi Sarkar Big Decision For Women Empowerment: यूपी में महिलाओं की निकाल पड़ी, अब स्कूल समितियों में मिलेगा 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व
उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समितियों में अब महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलेगा. इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
लखनऊ, 17 नवंबर : उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समितियों में अब महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलेगा. इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. प्रमुख सचिव (बेसिक शिक्षा) दीपक कुमार ने कहा, स्कूल प्रबंधन समिति में 15 सदस्य होंगे. इसमें 11 सदस्य पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता या अभिभावक होंगे, लेकिन समिति में 50 फीसदी महिलाएं होंगी. मौजूदा स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त होगा और उनकी जगह नई समिति बनाई जाएंगी. शेष चार सदस्यों में स्थानीय प्राधिकरणों के निर्वाचित सदस्यों में से एक सदस्य शामिल होगा. एक सदस्य सहायक नर्स और दाइयों (एएनएम) में से लिया जाएगा. जिलाधिकारी द्वारा मनोनीत एक लेखपाल एवं एक सदस्य विद्यालय का प्रधानाध्यापक होगा. प्रधानाध्यापक न होने की दशा में प्रभारी प्रधानाध्यापक समिति का पदेन सदस्य-सचिव होगा.
आदेश में कहा गया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और कमजोर वर्गों के बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को (संबंधित) स्कूल प्रबंधन समिति के माता-पिता सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा. आदेश में यह भी कहा गया है: एक ही परिसर में स्थापित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और संयुक्त विद्यालयों में केवल एक विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा. राज्य के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा. अधिकारी ने कहा, स्कूलों में नई स्कूल प्रबंधन समितियों के गठन का कार्य 20 से 30 नवंबर की अवधि के दौरान पूरा कर लिया जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रत्येक विद्यालय में नवीन विद्यालय प्रबंधन समितियों के गठन के दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं.हर दो साल में इस कमेटी का पुनर्गठन किया जाएगा. यह भी पढ़ें : Lucknow Crime: फौजी अफसर की बेटी को पहले कार में घसीटा, फिर की छेड़छाड़, लूटने के बाद सुनसान जगह पर दिया उतार
समिति के कार्यकाल के 23 माह पूर्ण होने पर नवीन विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी. 24 माह की समाप्ति से पूर्व नई समिति का गठन कर लिया जाएगा. विद्यालय प्रबंधन समिति के अभिभावक सदस्यों का चयन खुली बैठक में सर्व सम्मति से किया जायेगा. विवाद की स्थिति में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति में गुप्त मतदान कराया जायेगा. विद्यालय प्रबंधन समिति के 11 अभिभावक सदस्यों के चयन में प्रत्येक कक्षा से प्रतिनिधित्व अनिवार्य है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 17, 2022 10:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

