PIB Fact Check: क्या अब हर शनिवार बंद रहेंगे सरकारी बैंक? सोशल मीडिया पर वायरल गजट नोटिफिकेशन निकला फर्जी, पीआईबी ने बताई मौजूदा व्यवस्था
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे उस कथित सरकारी राजपत्र को पत्र सूचना कार्यालय की फैक्ट चेक यूनिट ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है.
नई दिल्ली: सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप्स पर प्रसारित हो रहे एक कथित 'सरकारी गजट नोटिफिकेशन' ने देशभर के बैंक ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी. दावे में कहा गया था कि केंद्र सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हर शनिवार को आधिकारिक अवकाश घोषित कर दिया है.
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे की पड़ताल करते हुए स्पष्ट किया है कि यह दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी (Fake) है और वित्त मंत्रालय ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या 15 जुलाई 2026 को सच में है 'भारत बंद'? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानें पूरा सच
फर्जी गजट नोटिफिकेशन में क्या दावा किया गया था?
सोशल मीडिया पर वायरल पीडीएफ और स्क्रीनशॉट में आदेश को वास्तविक दिखाने के लिए आधिकारिक प्रारूप का दुरुपयोग किया गया था:
- जाली अधिसूचना विवरण: दस्तावेज में अधिसूचना संख्या 'S.O. 4275(E)' और तारीख 30 सितंबर 2026 दर्ज थी.
- मंत्रालय का झूठा संदर्भ: इसे केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) द्वारा जारी आदेश के रूप में पेश किया गया था.
- कानूनी धारा का हवाला: इसमें दावा किया गया था कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के तहत तत्काल प्रभाव से सरकारी बैंकों में सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है.
- इसमें बाकायदा एक संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी का जाली नाम और आधिकारिक दिखने वाला फाइल नंबर भी अंकित किया गया था ताकि आम जनता आसानी से झांसे में आ जाए.
PIB फैक्ट चेक ने बैंकों के लिए सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश होने से जुड़े फर्जी गजट को गलत बताया है
बैंक अवकाश का वर्तमान नियम क्या है?
पीआईबी ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि बैंकों के कार्य दिवसों के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है:
- दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी: वर्तमान व्यवस्था के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सभी बैंक केवल महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते हैं.
- पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को कामकाज: महीने के पहले, तीसरे और (यदि किसी माह में हो तो) पांचवें शनिवार को बैंक शाखाएं सामान्य दिनों की तरह पूरी तरह खुली रहती हैं.
- यह व्यवस्था वर्ष 2015 में भारतीय बैंक संघ (IBA) और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के आधार पर लागू की गई थी.
5-डे बैंकिंग की मांग और वर्तमान स्थिति
यह फर्जी आदेश ऐसे समय में वायरल हुआ जब बैंक कर्मचारी यूनियनें लंबे समय से हफ्ते में पांच दिन काम (5-Day Work Week) और सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग कर रही हैं:
- आईबीए का प्रस्ताव: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने पूर्व में सरकार को सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने और दैनिक कार्य समय में 40-45 मिनट की बढ़ोतरी करने का एक प्रस्ताव भेजा था.
- फैसले का इंतजार: इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्तर पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक या अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है.
पीआईबी की नागरिकों को सलाह
पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने नागरिकों और बैंक ग्राहकों को सचेत किया है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले असत्यापित दस्तावेजों और अफवाहों पर भरोसा न करें:
- सरकारी नियमों, बैंक अवकाशों या नीतिगत फैसलों से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा आधिकारिक मंत्रालयों की वेबसाइटों, आरबीआई के आधिकारिक पोर्टल या पीआईबी के आधिकारिक हैंडल से ही करें.
- किसी भी संदिग्ध आदेश या मैसेज को आगे फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें.
वर्तमान में सभी शनिवारों को बैंकों की छुट्टी का कोई नया आदेश अस्तित्व में नहीं है और पूर्ववत व्यवस्था ही पूरी तरह प्रभावी है.