Abhijeet Dipke On Gyanesh Kumar: ‘ज्ञानेश कुमार पीएम मोदी के लिए इतने अहम क्यों हैं?’ CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली में सुरक्षा पाबंदियों पर उठाए सवाल (VIDEO)
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद, विरोध-प्रदर्शनों पर लगी पाबंदियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस जारी है. चुनाव आयोग और भाजपा ने सभी आरोपों को खारिज किया है, जबकि मामला विभिन्न स्तरों पर कानूनी और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है.
Abhijeet Dipke On Gyanesh Kumar: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में लागू की गई सुरक्षा पाबंदियों पर सवाल उठाए हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि रेलवे सेवाएं प्रभावित हुईं, दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशन बंद किए गए और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई.
अभिजीत दिपके ने पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि तिरंगा फहराने तक को कानून का उल्लंघन बताया जा रहा है. उन्होंने सवाल किया कि आखिर ज्ञानेश कुमार के लिए इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था क्यों की जा रही है. दिपके ने आरोप लगाया कि छात्र संगठनों, विपक्षी नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों तक को हिरासत में लिया गया.
उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर ज्ञानेश कुमार सत्तारूढ़ दल की चुनावी मदद नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है. हालांकि, ये सभी आरोप अभिजीत दिपके द्वारा लगाए गए हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और चुनाव आयोग तथा भाजपा ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है.
अभिजीत दिपके ने दिल्ली में सुरक्षा पाबंदियों की आलोचना की
दिल्ली मेट्रो, रेलवे और सुरक्षा व्यवस्था पर भी जताई आपत्ति
दिपके ने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शनों के जवाब में दिल्ली को भारत-पाकिस्तान सीमा जैसा बना दिया गया. उन्होंने कहा कि राजधानी में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा. उनके अनुसार, यह कार्रवाई एक संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के मुकाबले अत्यधिक थी.
10 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद और गहरा गया, जब दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. अभिजीत दिपके और CJP के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में अदालत से राहत मिली.
इसी बीच CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को प्रदर्शन से जुड़े आरोपों में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इसके विरोध में अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
फिलहाल, चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद, विरोध-प्रदर्शनों पर लगी पाबंदियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस जारी है. चुनाव आयोग और भाजपा ने सभी आरोपों को खारिज किया है, जबकि मामला विभिन्न स्तरों पर कानूनी और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है.