Western Railway Crackdown: मुंबई सेंट्रल डिवीजन में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 39 कैटरिंग आउटलेट्स बंद; ₹3.80 लाख का जुर्माना

पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों पर स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और परिचालन मानकों की अनदेखी करने वाले 39 कैटरिंग स्टॉलों और फूड आउटलेट्स को बंद करने की सख्त कार्रवाई की है. 15 अगस्त से शुरू किए गए इस सघन निरीक्षण अभियान के तहत वेंडरों पर कुल ₹3.80 लाख का जुर्माना लगाया गया है.

Representative Image (Photo Credit: Wikimedia Commons)

Western Railway Crackdown:  रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों को स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण खानपान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे (Western Railway) के मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने कड़ा रुख अपनाया है.  15 अगस्त से शुरू किए गए एक विशेष और सघन स्वच्छता अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर 39 कैटरिंग आउटलेट्स को बंद करने की कार्रवाई की गई.

कार्रवाई के दौरान रेलवे प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने वाले कैटरिंग संचालकों पर कुल ₹3.80 लाख का जुर्माना लगाया है. यह भी पढ़ें: Food Safety Crackdown: मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के 5 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित; FDA ने की बड़ी कार्रवाई

सुधारात्मक उपायों और जुर्माने के बाद 20 आउटलेट्स खुले

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बंद किए गए 39 आउटलेट्स में से 20 संचालकों ने पाई गई कमियों को दूर कर निर्धारित जुर्माना जमा कर दिया. इसके बाद अनिवार्य अनुपालन जांच (Compliance Check) पूरी होने पर उन्हें पुनः संचालन की अनुमति दी गई:

सूरत, वापी और बोरीवली सहित 19 आउटलेट्स अभी भी बंद

22 से 24 अगस्त के बीच किए गए औचक निरीक्षण के बाद 19 कैटरिंग इकाइयों का संचालन फिलहाल निलंबित रखा गया है. इनमें प्रमुख स्टेशनों के स्टॉल शामिल हैं:

जब तक मानक पूरे नहीं, तब तक जारी रहेगा प्रतिबंध

पश्चिम रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबित 19 इकाइयां तब तक बंद रहेंगी जब तक संचालक निर्धारित सुधारात्मक कदम पूरे नहीं कर लेते, जुर्माना राशि जमा नहीं करते और औपचारिक रेलवे जांच पास नहीं कर लेते.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मुंबई सेंट्रल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सभी उपनगरीय और गैर-उपनगरीय स्टेशनों पर इस प्रकार के औचक निरीक्षण और स्वच्छता जांच अभियान निरंतर जारी रहेंगे.

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