Western Railway Crackdown: मुंबई सेंट्रल डिवीजन में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 39 कैटरिंग आउटलेट्स बंद; ₹3.80 लाख का जुर्माना
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों पर स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और परिचालन मानकों की अनदेखी करने वाले 39 कैटरिंग स्टॉलों और फूड आउटलेट्स को बंद करने की सख्त कार्रवाई की है. 15 अगस्त से शुरू किए गए इस सघन निरीक्षण अभियान के तहत वेंडरों पर कुल ₹3.80 लाख का जुर्माना लगाया गया है.
Western Railway Crackdown: रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों को स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण खानपान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे (Western Railway) के मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने कड़ा रुख अपनाया है. 15 अगस्त से शुरू किए गए एक विशेष और सघन स्वच्छता अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर 39 कैटरिंग आउटलेट्स को बंद करने की कार्रवाई की गई.
कार्रवाई के दौरान रेलवे प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने वाले कैटरिंग संचालकों पर कुल ₹3.80 लाख का जुर्माना लगाया है. यह भी पढ़ें: Food Safety Crackdown: मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के 5 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित; FDA ने की बड़ी कार्रवाई
सुधारात्मक उपायों और जुर्माने के बाद 20 आउटलेट्स खुले
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बंद किए गए 39 आउटलेट्स में से 20 संचालकों ने पाई गई कमियों को दूर कर निर्धारित जुर्माना जमा कर दिया. इसके बाद अनिवार्य अनुपालन जांच (Compliance Check) पूरी होने पर उन्हें पुनः संचालन की अनुमति दी गई:
- बांद्रा टर्मिनस पर सबसे बड़ा जुर्माना: बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर स्थित मेसर्स महेंद्र जैन द्वारा संचालित चाय के स्टॉल पर सबसे अधिक ₹1,00,000 का जुर्माना लगाया गया. 20 अगस्त को सत्यापन के बाद इसे फिर से खोलने की अनुमति दी गई.
- बांद्रा स्टेशन जूस कियोस्क: बांद्रा स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 और 5 पर ओम प्रकाश चंद्र सेन द्वारा संचालित जूस कियोस्क पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया, जिसे 24 अगस्त को जांच के बाद चालू किया गया.
सूरत, वापी और बोरीवली सहित 19 आउटलेट्स अभी भी बंद
22 से 24 अगस्त के बीच किए गए औचक निरीक्षण के बाद 19 कैटरिंग इकाइयों का संचालन फिलहाल निलंबित रखा गया है. इनमें प्रमुख स्टेशनों के स्टॉल शामिल हैं:
- सूरत: सूरत स्टेशन पर 7 चाय स्टॉल बंद किए गए हैं, जिनमें मेसर्स महेश चंद्र एंड कंपनी, मेसर्स मसूद अहमद एंड कंपनी, मेसर्स आर. आर. भावसार, मेसर्स महेश एल. गुप्ता और मेसर्स गौरी शंकर एंड कंपनी द्वारा संचालित आउटलेट्स शामिल हैं.
- वापी: वापी स्टेशन पर मेसर्स ए. एफ. वापीवाला, मेसर्स आशादेवी शाह, मेसर्स मोहनलाल एच. अग्रवाल एंड संस, मेसर्स अनीता कैटरर्स, मेसर्स दीपक सी. सिंह और श्याम ढाबा-अमेठी द्वारा संचालित 6 चाय स्टॉल बंद हैं.
- अन्य स्टेशन: वलसाड में 3 चाय स्टॉल, मुंबई के बोरीवली स्टेशन पर 2 कैटरिंग यूनिट्स और दादर स्टेशन पर 1 चाय स्टॉल का संचालन बंद कराया गया है.
जब तक मानक पूरे नहीं, तब तक जारी रहेगा प्रतिबंध
पश्चिम रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबित 19 इकाइयां तब तक बंद रहेंगी जब तक संचालक निर्धारित सुधारात्मक कदम पूरे नहीं कर लेते, जुर्माना राशि जमा नहीं करते और औपचारिक रेलवे जांच पास नहीं कर लेते.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मुंबई सेंट्रल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सभी उपनगरीय और गैर-उपनगरीय स्टेशनों पर इस प्रकार के औचक निरीक्षण और स्वच्छता जांच अभियान निरंतर जारी रहेंगे.