कल का मौसम: बिहार में 18 जुलाई को भारी गरज-चमक के साथ तूफान और बारिश का पूर्वानुमान, जानें अपने जिलों के मौसम का हाल
बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, कल शनिवार, 18 जुलाई 2026 को राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय तेज गरज-चमक के साथ भारी तूफान और रात में झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है.
पटना: बिहार (Bihar) में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदलने जा रहा है. मौसम विभाग (Meteorological Department) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, कल शनिवार (18 जुलाई 2026) को राज्य के अधिकांश जिलों में मानसून काफी सक्रिय रहेगा. इसके प्रभाव से दिन के समय भारी गरज-चमक के साथ तेज तूफान (Heavy Thunderstorm) आने और रात के समय झमाझम बारिश (Rain) होने की प्रबल संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, कल बिहार का अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 28°C रहने की उम्मीद है. इस दौरान पूर्व दिशा से लगभग 7 mph की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से बड़ी राहत मिलेगी. यह भी पढ़ें: कल का मौसम: बिहार में मानसून मेहरबान, 16 जुलाई को दरभंगा और मुजफ्फरपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट; जानें पटना समेत प्रदेश के अन्य जिलों का हाल
उत्तर और दक्षिण बिहार के जिलों में कैसा रहेगा हाल?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त मानसूनी हवाओं के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं.
- उत्तर और पूर्वी बिहार: चंपारण (बेतिया व मोतिहारी), सारण, तिरहुत, मिथिला, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के जिलों में 18 जुलाई से मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है.
- दक्षिण और मध्य बिहार: राजधानी पटना समेत गया, नालंदा, जहानाबाद, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल जिलों में भी शनिवार को भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है. इन जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी.
वज्रपात की चेतावनी और प्रशासनिक सलाह
मौसम विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और किसानों को सचेत रहने की सलाह दी है. चूंकि दिन के समय भारी गरज-चमक और तूफान की स्थिति बनी रहेगी, ऐसे में आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने का खतरा काफी अधिक रहेगा.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास जाने से बचें और सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें. आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.