Viral Video: सागर में रसोई में गैस सिलेंडर के पीछे छिपा मिला 8 फीट लंबा 'घोड़ा पछाड़' सांप; स्नेक कैचर ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित रुसल्ला क्षेत्र में सोमवार, 28 सितंबर 2026 की सुबह एक घर की रसोई में करीब 8 फीट लंबा विशाल सांप निकलने से अफरा-तफरी मच गई. परिवार ने स्थानीय सर्पमित्र बबलू पंवार को सूचना दी. मौके पर पहुंचे विशेषज्ञ ने संकरी जगह में गैस उपकरणों को नुकसान पहुंचाए बिना सावधानीपूर्वक सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया.
सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बहेरिया तिगड्डा से लगे रुसल्ला क्षेत्र में सोमवार सुबह एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. रिपोर्ट के अनुसार, रोजमर्रा के काम के लिए रसोई में गई एक महिला की नजर अचानक गैस सिलेंडर के पीछे दुबक कर बैठे लगभग 8 फीट लंबे सांप पर पड़ी.
विशालकाय सांप को देखते ही महिला तुरंत चिल्लाते हुए रसोई से बाहर भागी और घर के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी. घर के अंदर इतना लंबा सांप होने की खबर मिलते ही परिवार के सभी लोग सुरक्षित बाहर आ गए और मोहल्ले में भी हड़कंप मच गया. यह भी पढ़ें: Snake CPR Video: गुजरात के वापी में मानवता की मिसाल, अचेत मिले 5 फीट लंबे सांप को रेस्क्यूअर ने मुंह से CPR देकर बचाई जान, VIDEO वायरल
रसोई की संकरी जगह में सावधानी से रेस्क्यू
सांप को खुद भगाने या मारने का जोखिम उठाने के बजाय परिवार ने सूझबूझ दिखाई और रसोई का दरवाजा बाहर से बंद कर सर्पमित्र को सूचित किया:
- बबलू पंवार ने संभाला मोर्चा: सूचना मिलते ही शहर के जाने-माने स्नेक कैचर बबलू पंवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले रसोई का मुआयना किया और गैस सिलेंडर व पाइपलाइन को सुरक्षित रखते हुए रेस्क्यू रणनीति बनाई.
- परिजनों को रखा दूर: किसी भी संभावित खतरे और अफरा-तफरी से बचने के लिए रेस्क्यू के दौरान परिजनों और आसपास जमा भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रहने की हिदायत दी गई.
- काफी मशक्कत और तकनीक के इस्तेमाल के बाद बबलू पंवार ने संकरे कोने से सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर थैले में बंद किया. जब सांप को बाहर निकाला गया, तो उसकी विशाल लंबाई देखकर मौजूद लोग दंग रह गए.
मध्य प्रदेश में सांप को बचाया गया - वीडियो
गैर-विषैला 'घोड़ा पछाड़' था सांप, जंगल में छोड़ा गया
स्नेक कैचर बबलू पंवार के अनुसार, पकड़ा गया सांप घोड़ा पछाड़ (Oriental Rat Snake) प्रजाति का था:
- पर्यावरण के लिए मित्र: यह सांप पूरी तरह विषहीन (Non-venomous) होता है. अपनी तेज गति, लंबाई और चपलता के लिए पहचाने जाने वाला यह जीव खेतों और आवासीय क्षेत्रों में चूहों व अन्य हानिकारक जीवों की आबादी को नियंत्रित कर पारिस्थितिकी तंत्र में किसान मित्र की भूमिका निभाता है.
- वन क्षेत्र में छोड़ा: सुरक्षित रेस्क्यू के बाद वन विभाग के नियमों के तहत सांप को रिहायशी बस्ती से दूर घने जंगलों में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली.
बारिश के मौसम में बढ़ जाती है सांपों की हलचल
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून और बारिश के दिनों में ऐसे मामले तेजी से बढ़ते हैं:
- लगातार बारिश के कारण सांपों के बिलों और प्राकृतिक ठिकानों में पानी भर जाता है, जिसके चलते वे सुरक्षित, सूखे और गर्म ठिकानों की तलाश में रिहायशी कॉलोनियों और घरों की तरफ रुख करते हैं.
- आशंका जताई जा रही है कि बारिश से बचने के लिए यह सांप किसी खुले रास्ते या नाली के जरिए रसोई में घुस आया और सिलेंडर के पीछे अंधेरे कोने में छिप गया.
सर्पमित्र की नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह
बबलू पंवार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें:
- साफ-सफाई रखें: घर के आसपास झाड़ियां, कबाड़, ईंट-पत्थर या लकड़ी के ढेर जमा न होने दें, क्योंकि ये सांपों के छिपने की पसंदीदा जगहें होती हैं.
- खुद न पकड़ें और न मारें: घर या दफ्तर में सांप दिखने पर घबराएं नहीं और न ही उसे खुद पकड़ने या डंडे से मारने की कोशिश करें. सांप केवल अपने बचाव में हमला करता है.
- विशेषज्ञों को बुलाएं: सांप दिखते ही प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर या वन विभाग की हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें, ताकि इंसान और बेजुबान दोनों सुरक्षित रह सकें.