Chhindwara School Video Controversy: छिंदवाड़ा के माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य और अतिथि शिक्षिका का वीडियो वायरल; छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप (Video)
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की बिछुआ/बिचबारी ग्राम पंचायत स्थित एक माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य लोकेंद्र लोधी और अतिथि शिक्षिका दीपिका ठाकरे के बीच स्कूल परिसर में कथित प्रेम प्रसंग और आपत्तिजनक स्थिति का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. छात्रों और ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई में जिला प्रशासन को औपचारिक शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है.
छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara District) के अंतर्गत बिचबारी ग्राम पंचायत स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में एक कथित वीडियो सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है. छात्रों ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य लोकेंद्र लोधी और अतिथि शिक्षिका दीपिका ठाकरे पर स्कूल समय के दौरान परिसर में अनुचित संबंध रखने और आपत्तिजनक स्थिति में रहने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
यह मामला तब उजागर हुआ जब छात्रों ने कथित तौर पर दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया. घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है. मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई में ग्रामीणों ने अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
छात्रों के आरोप और जनसुनवाई में शिकायत
छात्रों और स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, दोनों शिक्षक कथित तौर पर शैक्षणिक समय के दौरान स्कूल के कमरों में एकांत में समय बिताते थे, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा था.
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में अधिकारियों के समक्ष बात रखते हुए कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक होते हैं और उनसे अनुकरणीय आचरण व अनुशासन की अपेक्षा की जाती है. यदि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पद की गरिमा और पेशेवर आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है.
वायरल वीडियो में छात्र टीचर और प्रिंसिपल के बीच 'रोमांटिक रिश्ते' का आरोप लगाते दिखे
शिक्षा विभाग द्वारा जांच लंबित
वीडियो के वायरल होने और अभिभावकों के आक्रोश के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की वैधानिक जांच आवश्यक है.
अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और छात्रों के दावों की सत्यता की पुष्टि केवल विभागीय जांच और सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद ही की जा सकेगी. शिक्षा विभाग द्वारा गठित जांच दल जल्द ही स्कूल पहुंचकर संबंधित शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगा.
शैक्षणिक माहौल और प्रशासनिक कदम
इस घटना के बाद जिले के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की जवाबदेही और विद्यालयों के वातावरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
जिला प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि छात्रों की पढ़ाई और स्कूल के सामान्य संचालन में किसी प्रकार का व्यवधान न आए तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके.