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Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग में वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू, अब तक 19.2 मीटर खुदाई हुई, टनल में फंसे हैं 41 मजदूर

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के वास्ते रविवार को सुरंग के ऊपर से लंबवत ड्रिलिंग शुरू की गयी और अब तक 19.2 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है.

Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग में वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू, अब तक 19.2 मीटर खुदाई हुई, टनल में फंसे हैं 41 मजदूर
(Photo : X)

उत्तरकाशी, 26 नवंबर: पिछले दो सप्ताह से निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के वास्ते रविवार को सुरंग के ऊपर से लंबवत ड्रिलिंग शुरू की गयी और अब तक 19.2 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है. अधिकारियों ने यहां बताया कि क्षैतिज ड्रिलिंग कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन के टूटने के एक दिन बाद श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए लंबवत ड्रिलिंग शुरू की गयी है.

उन्होंने बताया कि सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए कुल 86 मीटर लंबवत ड्रिलिंग की जाएगी और इसमें चार दिन का समय लगेगा. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने सिलक्यारा में संवाददाताओं को बताया कि लंबवत ड्रिलिंग शुरू कर दी गयी है और अब तक 19.2 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है. VIDEO: 41 मजदूरों को सुरंग से निकालने के लिए सरकार के पास 3 प्लान, जानें कैसे बाहर आएंगे श्रमिक

उन्होंने बताया कि सतलुज जलविद्युत निगम द्वारा शुरू की गयी लंबवत ड्रिलिंग का कार्य काफी जोर-शोर से चल रहा है और अगर बिना किसी अड़चन के यह इसी तरह चलता रहा तो “हम इसे चार दिन में 30 नवंबर तक खत्म करने की उम्मीद कर सकते हैं .” क्षैतिज ड्रिलिंग कर रही ऑगर मशीन के ब्लेड शनिवार को मलबे में फंस गए थे जिससे बचाव अभियान में रुकावट आ गई थी.

चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिसमें उसमें काम कर रहे श्रमिक फंस गए थे. उन्हें बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर कई एजेंसियों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है.

बचाव कार्यों में सहयोग के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल ने बताया कि मलबे में फंसे ऑगर मशीन के हिस्सों को प्लाज्मा कटर और लेज़र कटर से काट कर निकालने का कार्य जारी है. उन्होंने बताया कि शाम सात बजे की स्थिति के अनुसार मलबे में ऑगर मशीन का केवल 8.15 मीटर हिस्सा ही निकाला जाना शेष रह गया है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2023 09:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).