Uttarakhand: सीएम पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे धारचूला आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा, जानें कितना हुआ नुकसान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार दिनांक 11 सितम्बर को जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला में ग्राम रांधी (खोतिला) में आयी दैवी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) रविवार दिनांक 11 सितम्बर को जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला में ग्राम रांधी (खोतिला) में आयी दैवी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे. मुख्यमंत्री अपने भ्रमण के दौरान आपदा पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात करेंगे. मुख्यमंत्री रविवार को सुबह 10:30 बजे धारचूला पहुचेंगे. यह भी पढ़े: उत्तराखंड में बारिश का कहर: पौड़ी में बन रहे पॉलिटेक्निक भवन का पुश्ता ढहा, रास्ता बंद
दरअसल, नेपाल में बादल फटने से उत्तराखंड के धारचूला में भी जमकर तबाही देखने को मिली है. ऐसे में सीएम पुष्कर सिंह धामी भी धारचूला में आई आपदा की पल पल अपडेट ले रहे हैं: सीएम के अनुसार 50 से ज्यादा परिवार वहां बेघर हो गए हैं. उनकी समुचित व्यवस्था करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं. वही उनके अनुसार पिथौरागढ़ के इस इलाके में हर साल आपदा के हालात बने रहते हैं. ऐसे में बचाव और राहत का काम चल रहा है। आपको बता दें सीएम पुष्कर सिंह धामी रविवार को सुबह धारचूला जा रहें है जहाँ सीएम आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे.
धारचूला के खोतिला में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जिसमें एक महिला की मौत के साथ ही 50 से ज्यादा मकान जलभराव के कारण डूब गए हैं. वहीं नेपाल के लस्का गधेरे में भी बादल फटने से नेपाल क्षेत्र में भी काफी नुकसान की खबर है। कई मकान पानी के तेज बहाव में जमीदोज हो गए है. धारचूला से मकानों के तास के पत्तो की तरह पानी मे बहने की भयानक वीडियो सामने आया है. साथ काली नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे मकानों के साथ ही गोशालाएं और निर्माण कार्य मे लगी जेसीबी मशीने भी डूब गयी है.
धारचूला के तल्ला खोतिला गांव में बादल फटने के कारण हुए जलभराव में 50 मकान ढूब गए हैं. घटना में 65 वर्षीय महिला पशुपति देवी पत्नी मानबहादुर की मौत हो गई है. जिसके शव को रेस्क्यू कर लिया गया है. वहीं एलधारा में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण धारचूला के मल्ली बाजार सड़क में पानी और मलबा भर गया है. सड़क पर खड़े कई वाहन भी मलबे की चपेट में आए हैं. जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर यूनिट की टीमों द्वारा लगातार राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है.
प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. तथा उनके खाने-पीने और रहने की उचित व्यवस्था की जा रही है. धारचूला में काली नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. जिससे भारत-नेपाल झूलापुल के निकट गौशाला के क्षतिग्रस्त होने तथा कुछ जानवरों के बहने की सूचना भी आ रही है. प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे ना जाने को अलर्ट किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 11, 2022 12:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

