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इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से नोएडा और गाजियाबाद जाने के लिए जेब करनी पड़ेगी ढीली, UPSRTC लेगी 10 हजार किराया

यूपीएसआरटीसी (UPSRTC) ने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (Indira Gandhi International Airport) से नोएडा (Noida) और गाजियाबाद (Ghaziabad) तक के सफर को आसान बनाया है. हालांकि इसके लिए लोगों को जेब ढीली ज्यादा करनी पड़ेगी.

इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से नोएडा और गाजियाबाद जाने के लिए जेब करनी पड़ेगी ढीली, UPSRTC लेगी 10 हजार किराया
यूपी ट्रांसपोर्ट की बस (Photo Credits: ANI)

लखनऊ: कोरोना संकट के बीच यूपी-स्टेट रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (यूपीएसआरटीसी) ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को शुरू करने के मकसद से एक विस्तृत योजना बनाई है. इसी क्रम में यूपीएसआरटीसी (UPSRTC) ने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (Indira Gandhi International Airport) से नोएडा (Noida) और गाजियाबाद (Ghaziabad) तक के सफर को आसान बनाया है. हालांकि इसके लिए लोगों को जेब ढीली ज्यादा करनी पड़ेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (IGIA) से 250 किमी के दायरे में किसी भी गंतव्य तक टैक्सी की सवारी के लिए दस हजार रुपये चुकाने पड़ेंगे. यूपीएसआरटीसी ने सेडान टैक्सी बुक करने के लिए 10,000 रुपये और एसयूवी के लिए 12,000 रुपये किराया तय किया है. 250 किलोमीटर से ज्यादा दूरी होने पर अतिरिक्त किराया वसूला जाएगा. हालांकि निगम की बसें 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1,000 रुपये प्रति सीट (गैर-वातानुकूलित) लेंगी. जबकि एसी बसे 1,320 रुपये प्रति सीट के हिसाब से किराया वसूलेंगी.

यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने 9 मई को नोएडा और गाजियाबाद में निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों को एक पत्र के जरिए बताया कि वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) के तहत विदेशों से वापस आने वाले लोगों को दिल्ली हवाईअड्डे से नोएडा और गाजियाबाद और आसपास के अन्य क्षेत्रों में पहुंचाया जाएगा. इसके लिए निगम हवाईअड्डे पर बसों और टैक्सी की सुविधा देगी.

हलाकि, यह सुविधा केवल दिल्ली सरकार द्वारा यात्रा की अनुमति पाने वाले लोगों के लिए होगी. और उनमें कोई कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे. उत्तर प्रदेश के अब सभी 75 जिले संक्रमित

उधर, उत्तर प्रदेश में ट्रेन से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए औसतन करीब 2,000 यूपीएसआरटीसी बसों का इस्तेमाल हर रोज किया जा रहा है. इस काम में यूपीएसआरटीसी के करीब 10000 कर्मचारी जुटे हुए है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).