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UP: अस्पताल की दवा बाजार में बेचने के मामले में एसटीएफ ने तीन को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मरीजों को देने वाली दवाएं खुले बाजार में बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

UP: अस्पताल की दवा बाजार में बेचने के मामले में एसटीएफ ने तीन को किया गिरफ्तार
Special Task Force ( Photo Credit: Facebook)

लखनऊ, 25 नवंबर : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मरीजों को देने वाली दवाएं खुले बाजार में बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. तीनों के पास से बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद की गईं. आरोपियों में एक केजीएमयू परिसर में स्थित मेडिकल स्टोर में काम करता है.

एसटीएफ ने केजीएमयू के हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (HRF) फामेर्सी स्टोर से 2 लाख रुपये से अधिक मूल्य की गोलियां, सिरप और इंजेक्शन वाली दवाओं के कई बक्से बरामद किए. गौरतलब है कि एचआरएफ स्टोर ओपीडी में आने वाले या मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती मरीजों को 50-60 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं उपलब्ध कराती है. गिरफ्तारी निम्बू पार्क के पास की गई, जो केजीएमयू कन्वेंशन सेंटर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर है. यह भी पढ़ें : Maharashtra: कर्नाटक के CM बसवराज बोम्मई के खिलाफ बोलने की शिंदे की हिम्मत नहीं- उद्धव ठाकरे

एसटीएफ के एक बयान में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक रजनीश कुमार तीन वर्षों से एचआरएफ फामेर्सी में फार्मासिस्ट सेल्समैन के रूप में काम कर रहा है और त्रिवेणी नगर का निवासी है. अन्य दो नितिन वाजपेयी और प्रियांशु मिश्रा भी लखनऊ के निवासी हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों ने खुलासा किया कि वे कैसे इन दवाओं प्राप्त करते थे और उन्हें उच्च कीमत पर बेचते थे. दवाओं पर लगे केजीएमयू के लेबल को दो आरोपियों के सहयोगी सूरज मिश्रा और सुग्रीम वर्मा ने हटा दिया था. वर्मा ने कथित तौर पर 20 प्रतिशत की छूट के साथ दवा की दुकानों पर ये दवाएं बेची और लगभग 30 प्रतिशत के लाभ मार्जिन के साथ रजनीश और अन्य के बीच वितरित किया गया.

एसटीएफ के बयान में कहा गया है, गिरफ्तार किए गए लोगों ने केजीएमयू परिसर में एक अलग फामेर्सी में काम करने वाले और प्लास्टिक सर्जरी विभाग, ट्रॉमा सेंटर, गांधी वार्ड में काम करने वाले कुछ और कर्मचारियों के नाम बताए. उन्होंने पुलिस को बताया कि यह गोरखधंधा चार सालों से जारी था. पुलिस अब गिरफ्तार लोगों से शहर के उन मेडिकल स्टोर्स की जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ कर रही है, जहां ये दवाएं बेची जाती थीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2022 09:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).