UP Shocker: यूपी आश्रय गृह में चार शिशुओं की मौत की जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी आश्रय गृह में 10 से 14 फरवरी के बीच चार शिशुओं की मौत की जांच के आदेश दिए हैं. आश्रय गृह के अन्य दो शिशुओं का दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है. राज्य मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जिला स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को आश्रय गृह में बच्चों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया है.
लखनऊ, 16 फरवरी : उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी आश्रय गृह में 10 से 14 फरवरी के बीच चार शिशुओं की मौत की जांच के आदेश दिए हैं. आश्रय गृह के अन्य दो शिशुओं का दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है. राज्य मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जिला स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को आश्रय गृह में बच्चों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया है. साथ ही बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. मौर्य के कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया है कि बाल संरक्षण विभाग बच्चों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास करता रहेगा. उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के लिए भी जांच शुरू की गई है कि आश्रय गृह के अधिकारियों ने सर्दियों के मौसम में शिशुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय किए थे या नहीं.
हादसे के मद्देनजर कथित लापरवाही के आरोप में आश्रय गृह के अधीक्षक किंशुक त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया है. त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. मौतों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच और शवों के पोस्टमॉर्टम के आदेश दिए गए हैं. इस बीच, सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने पीड़ितों को इलाज मुहैया कराने में लापरवाही से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि बच्चों को गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था, और आश्रय गृह के अधिकारियों ने उन्हें उचित इलाज दिलाने के प्रयासों में कोई देरी नहीं की. यह भी पढ़ें : UP: सुलतानपुर में दो मालगाड़ियों की आमने-सामने टक्कर, आधा दर्जन डिब्बे पटरी से उतरे, ड्राइवर घायल
इससे पहले जनवरी में त्रिपाठी ने कहा था कि बच्चों के कमरे में हर मौसम में चलने वाला एयर कंडीशनर लगाया गया है. इसी तरह जिस डिस्पेंसरी में 0-2.5 वर्ष के बच्चों को रखा जाता है, वह भी उसी सुविधा से स्थापित की गई थी. हालांकि, पिछले महीने सरकारी आश्रय का निरीक्षण करने वाली मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम ने दिसंबर और जनवरी के सर्दियों के महीनों के दौरान बच्चों को पर्याप्त देखभाल प्रदान करने में अधिकारियों की ओर से लापरवाही का दावा किया है. टीम को संदेह है कि दुर्भाग्यपूर्ण मौतों का कारण 'लापरवाही' हो सकती है.
सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) टीम ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने चार बच्चों को खो दिया लेकिन हमने बच्चों को बचाने की अपनी पूरी कोशिश की. वर्तमान में दो शिशुओं को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दो माह की चंद्रमा की हालत में थोड़ा सुधार है. अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.पी. सिंह ने कहा, निदान के बाद डॉक्टर बच्चे का सेप्टीसीमिया के लिए इलाज कर रहे हैं. एक मेडिकल टीम बच्चे की देखभाल कर रही है. आशा है कि शिशु जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 16, 2023 09:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

