कल का मौसम: पटना, दरभंगा, किशनगंज समेत बिहार के अन्य जिलों में 9 जुलाई को मौसम कैसा रहेगा?
बिहार में मानसून की गतिविधियों में बदलाव जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को पटना, दरभंगा और किशनगंज समेत राज्य के कई जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है.
कल का मौसम: बिहार में मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय प्रणालियों के कारण बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पटना केंद्र के अनुसार, कल यानी 9 जुलाई को राजधानी पटना, दरभंगा और किशनगंज समेत बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों ने इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई है, जिसे लेकर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
फिलहाल उत्तर बिहार और नेपाल से सटे तराई वाले इलाकों में दक्षिण बिहार के मुकाबले मानसूनी हवाएं अधिक प्रभावी बनी हुई हैं. यह भी पढ़े: कल का मौसम: लखनऊ, आगरा, फतेहपुर समेत UP के अन्य जिलों में 9 जुलाई के मौसम की अपडेट
पटना और आसपास के जिलों का पूर्वानुमान
राजधानी पटना और इसके आसपास के मैदानी इलाकों में 9 जुलाई को दिन भर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, दोपहर या शाम के समय शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं. बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. पटना में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.
दरभंगा और उत्तर बिहार में बादलों का डेरा
दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है. 9 जुलाई को भी इन क्षेत्रों में आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है. स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की पूरी उम्मीद है. ग्रामीण इलाकों में तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है, जिससे किसानों को खुले खेतों में काम करते समय सतर्क रहने को कहा गया है.
किशनगंज और सीमांचल में भारी नमी और बौछारें
बिहार के सबसे अधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और अररिया में मानसून की सक्रियता तुलनात्मक रूप से बेहतर बनी हुई है. किशनगंज और आसपास के सीमांचल क्षेत्रों में 9 जुलाई को दिन भर रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते सीमांचल की नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है. इस क्षेत्र में हवा में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण बारिश न होने की स्थिति में उमस बढ़ सकती है.
मौसम विभाग का अलर्ट और जरूरी सलाह
मौसम विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में 'थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग' यानी मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है. इसके बाद अगले 24 से 48 घंटों में राज्य में मानसूनी बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर तेजी आने की संभावना है.
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जब भी आसमान में बिजली चमकने या बादलों की तेज गर्जना सुनाई दे, तो पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर शरण लें. विशेष रूप से बड़े पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें.