Tamil Nadu Police Update: तमिलनाडु पुलिस प्रमुख का आदेश, हर सप्ताह हों जन शिकायत सुनवाई; अधिकारियों को लोगों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश
तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने पुलिस प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए एक नया निर्देश जारी किया है. इसके तहत अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन जनता से मिलकर उनकी शिकायतें सुननी होंगी और 15 दिनों के भीतर उनका निपटारा करना होगा.
Tamil Nadu Police Update: तमिलनाडु पुलिस प्रशासन को जनता के प्रति अधिक सुलभ, उत्तरदायी और संवेदनशील बनाने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने एक बड़ा कदम उठाया है. डीजीपी ने राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर हफ्ते दो बार अनिवार्य रूप से आम जनता से मुलाकात करें और व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुनें.
बुधवार और शनिवार को लगेगी 'ओपन ग्रीवेंस डे' अदालत
डीजीपी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब हर हफ्ते बुधवार और शनिवार को 'सार्वजनिक शिकायत निवारण दिवस' (Public Grievance Redressal Day) के रूप में मनाया जाएगा. इन तय दिनों पर सुबह 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक सभी रैंक के अधिकारियों को अपने कार्यालयों में उपस्थित रहना होगा.
इस जनसुनवाई के दायरे में स्टेशन हाउस ऑफिसर्स (SHOs), पुलिस उपाधीक्षक (DSPs), पुलिस अधीक्षक (SPs), उप महानिरीक्षक (DIGs), महानिरीक्षक (IGs) और पुलिस कमिश्नर शामिल हैं. अधिकारियों को इस दो घंटे की अवधि में केवल जनता की शिकायतें प्राप्त करने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
सम्मान के साथ व्यवहार और 15 दिनों में समाधान का लक्ष्य
इस नए आदेश में पुलिस अधिकारियों को साफ तौर पर हिदायत दी गई है कि वे शिकायतों को लेकर आने वाले नागरिकों के साथ शालीनता और सम्मान से पेश आएं. शिकायतों को दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता को एक पावती (Acknowledgment Receipt) भी दी जाएगी.
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनता की शिकायतों को बिना किसी अनावश्यक देरी के सुनें और कानून के दायरे में रहते हुए अधिक से अधिक 15 दिनों के भीतर उनका निपटारा सुनिश्चित करें. साथ ही, कार्यालयों में आने वाले लोगों के बैठने और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने को कहा गया है.
अनुपस्थिति में दूसरे वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे कमान
अक्सर देखा जाता है कि अदालती कार्यवाही, कानून-व्यवस्था की ड्यूटी या महत्वपूर्ण बैठकों के कारण बड़े अधिकारी दफ्तर में उपलब्ध नहीं हो पाते हैं. ऐसी स्थिति के लिए भी डीजीपी ने सख्त गाइडलाइन बनाई है.
यदि कोई तय अधिकारी किसी अनिवार्य कारण से उपस्थित नहीं रह पाता है, तो पदानुक्रम (Hierarchy) में उसके बाद आने वाला अगला सबसे वरिष्ठ अधिकारी इस जनसुनवाई सत्र का संचालन करेगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूर-दराज से आने वाली जनता को लंबा इंतजार न करना पड़े और न ही उन्हें निराश होकर लौटना पड़े.
सीधे पुलिस मुख्यालय से होगी निगरानी
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना और जवाबदेही को बढ़ावा देना है. डीजीपी महेश कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि इस शिकायत निवारण प्रणाली के क्रियान्वयन और इसमें विभिन्न अधिकारियों के प्रदर्शन की सीधे राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा कड़ाई से निगरानी की जाएगी.