सूरत: गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) शहर से कानूनी और सामाजिक व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक जघन्य मामला प्रकाश में आया है. यहां एक 13 वर्षीय नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को अदालत से न्याय दिलाने में मदद कर रहे 43 वर्षीय निजी वकील को ही उसी बच्ची के साथ बलात्कार करने के आरोप में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान प्रणयराज रनवीर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अहमदाबाद का निवासी है और वर्तमान में सूरत के डिंडोली इलाके में रह रहा था. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता के परिवार की लाचारी और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. यह भी पढ़ें: Kannauj School Video: यूपी के कन्नौज में सरकारी स्कूल में शिक्षक और शिक्षिका रोमांस करते पकड़े गए, पत्नी ने हिडन कैमरा लगाकर खोली पोल, दोनों निलंबित
केस बिगाड़ने की धमकी देकर बच्ची को घर बुलाया
पुलिस जांच और दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता बेहद गरीब मजदूर हैं. आरोपी वकील ने पहले उनसे अदालती कार्यवाही और कानूनी सहायता के बदले ₹15,000 की फीस मांगी थी. जब परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो वकील ने एक शातिर योजना के तहत उनके सामने एक प्रस्ताव रखा. उसने कहा कि वह फीस के बदले बच्ची को अपने डिंडोली स्थित घर और दफ्तर में घरेलू काम (डोमेस्टिक हेल्पर) के लिए भेज दें.
शुरुआत में परिवार ने इस पर झिझक दिखाई। इस पर आरोपी प्रणयराज ने उन पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया और धमकी दी कि यदि उन्होंने उसकी बात नहीं मानी, तो वह अदालत में चल रहे नाबालिग बेटी के पुराने संवेदनशील केस को जानबूझकर बिगाड़ देगा. अपनी कानूनी पैरवी खराब होने के डर और आर्थिक लाचारी के कारण माता-पिता ने भारी मन से बेटी को उसके घर भेज दिया.
घर पहुंचते ही किया दुष्कर्म; पुलिस ने दर्ज की कई गंभीर धाराएं
शिकायत के मुताबिक, जैसे ही 13 साल की मासूम बच्ची वकील के घर पहुंची, उसने अपने पद की गरिमा को ताक पर रखकर बच्ची को बंधक बना लिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया. आरोपी ने वारदात के बाद बच्ची को बुरी तरह डराया-धमकाया कि यदि उसने इस बारे में अपने माता-पिता को कुछ भी बताया, तो वह उसके कोर्ट केस को पूरी तरह बर्बाद कर देगा.
इस खौफनाक आघात से उबरने के बाद जब पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची, तो उसने रोते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई. माता-पिता तुरंत सोमवार को स्थानीय थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया.
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP जे-डिवीजन) ए.सी. तरडे के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए सचिन जीआईडीसी (Sachin GIDC) थाना पुलिस ने त्वरित कदम उठाया और मंगलवार को आरोपी वकील को दबोच लिया. सूरत न्यू सिविल अस्पताल में दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत बलात्कार, 16 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म, गंभीर मर्मभेदी यौन हमला (Aggravated Penetrative Sexual Assault), आपराधिक धमकी और बाल श्रम से जुड़ी कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.
पुराना मामला: 12 वर्ष की उम्र में हुई थी अगवा
पीड़ित बच्ची से जुड़ा मूल मामला सितंबर 2025 का है, जब वह महज 12 वर्ष की थी और उसे अगवा कर लिया गया था. नवंबर 2025 में पुलिस ने उसे रेस्क्यू किया था और इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल सूरत सेंट्रल जेल में ट्रायल का सामना कर रहे हैं. हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक (पब्लिक प्रोसिक्यूटर) पैरवी कर रहे हैं, लेकिन पीड़ित परिवार ने केस की बारीकियों को समझने के लिए निजी तौर पर प्रणयराज रनवीर की सेवाएं ली थीं.
आरोपी वकील का पुराना आपराधिक इतिहास
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी वकील का बैकग्राउंड खंगाला, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. प्रणयराज रनवीर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उसके खिलाफ पूर्व में अहमदाबाद के बावला और सूरत के विभिन्न थानों में अपनी पत्नी के साथ क्रूरता (घरेलू हिंसा), दहेज उत्पीड़न, शराबबंदी के नियमों का उल्लंघन (प्रोहिबिशन एक्ट) और दंगा भड़काने (बलवा) जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस फिलहाल इस नए मामले में सभी आवश्यक डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है.













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