Sugar Price Hike: त्योहारी सीजन से पहले महंगी हुई चीनी, Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart ने खरीद पर लगाई लिमिट
त्योहारी सीजन के दौरान घरों में मिठाइयां और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाने के लिए चीनी की मांग बढ़ जाती है. साथ ही मिठाई की दुकानें, बेकरी और फूड बिजनेस भी बड़ी मात्रा में चीनी खरीदते हैं. ऐसे में जो परिवार या कारोबारी पहले से अधिक मात्रा में चीनी खरीदकर स्टॉक करना चाहते हैं, उन्हें इन प्रतिबंधों का ज्यादा असर महसूस हो सकता है.
Sugar Price Hike: त्योहारी सीजन से पहले देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है. इसी बीच Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने कुछ चीनी उत्पादों की खरीद पर लिमिट लगा दी है. अब ग्राहक एक ऑर्डर में सीमित मात्रा में ही चीनी खरीद पा रहे हैं. यही नहीं, ऑफलाइन रिटेल स्टोरों में भी चीनी की खरीद पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं. बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों के बीच सरकार ने भी आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं. यह भी पढ़ें: Sugar Price Hike: चीनी की कीमतों में बड़ा उछाल; क्या इथेनॉल की ओर डायवर्जन की वजह से सिर्फ़ 12 दिनों में खुदरा कीमतों में आया है 20% का उछाल?
त्योहारी सीजन के करीब आते ही चीनी की मांग बढ़ने लगी है. ऐसे में उपभोक्ताओं को एक तरफ बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरी तरफ खरीद की मात्रा भी सीमित कर दी गई है. इससे घरों के अलावा मिठाई की दुकानों, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबारियों पर भी असर पड़ सकता है.
Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart पर खरीद की लिमिट
रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग चीनी उत्पादों पर खरीद की सीमा तय की गई है. Swiggy Instamart पर Supreme Harvest Crystal Sugar की 1 किलोग्राम पैकिंग के लिए प्रति ऑर्डर अधिकतम दो पैकेट खरीदने की अनुमति दिखाई गई. वहीं Zepto पर कुछ ब्रांड की चीनी के पैक खरीदने की संख्या सीमित कर दी गई है और कुछ लिस्टिंग में सीमित उपलब्धता भी दिखाई दे रही है. Blinkit ने भी कुछ चीनी पैकों पर खरीद की सीमा लागू की है.
ऑफलाइन स्टोरों में भी लगी पाबंदी
यह प्रतिबंध केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार, DMart और Reliance जैसे बड़े रिटेल स्टोरों में भी कुछ जगहों पर ग्राहकों के लिए 2 से 3 किलोग्राम तक चीनी खरीदने की सीमा तय की गई है. ऐसे में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को सीमित मात्रा में ही चीनी मिल रही है.
क्यों बढ़ रही हैं चीनी की कीमतें?
चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने और जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से ड्यूटी-फ्री कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. सरकार ने पहले 20 अगस्त की अधिसूचना के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी. अब सरकार ने आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने तक का समय दिया है, ताकि वे कच्ची चीनी को रिफाइंड चीनी में बदलकर घरेलू बाजार में बेच सकें.
सरकार आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश में जुटी
सरकार का मानना है कि ड्यूटी-फ्री आयात से घरेलू बाजार में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध होगी और कीमतों पर दबाव कम होगा. हालांकि आयातित चीनी को बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा. तब तक खुदरा विक्रेता उपलब्ध स्टॉक का संतुलित वितरण करने के लिए खरीद पर सीमा लागू कर रहे हैं.
त्योहारी मांग से बढ़ सकता है दबाव
त्योहारी सीजन के दौरान घरों में मिठाइयां और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाने के लिए चीनी की मांग बढ़ जाती है. साथ ही मिठाई की दुकानें, बेकरी और फूड बिजनेस भी बड़ी मात्रा में चीनी खरीदते हैं. ऐसे में जो परिवार या कारोबारी पहले से अधिक मात्रा में चीनी खरीदकर स्टॉक करना चाहते हैं, उन्हें इन प्रतिबंधों का ज्यादा असर महसूस हो सकता है.
फिलहाल उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों और सीमित खरीद, दोनों का सामना करना पड़ रहा है. आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि सरकार के आयात संबंधी फैसलों से बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ती है या नहीं और क्या इससे कीमतों तथा खरीद पर लगी सीमाओं में राहत मिलती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2026 09:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

