Bihar Temple Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़; 7 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने जताया शोक
बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम (इंद्रदमनेश्वर महादेव) मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को तड़के मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
लखीसराय/पटना: बिहार (Bihar) के लखीसराय (Lakhisarai) जिले के ऐतिहासिक अशोकधाम मंदिर (Ashokdham Temple) (इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर) में सोमवार (17 अगस्त 2026) तड़के जलाभिषेक के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने से कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए.
सावन के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए एकत्र हुए थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. यह भी पढ़ें: Mahakaleshwar Temple Stampede: बिहार के बाद उज्जैन में बड़ा हादसा, महाकाल मंदिर में नाग पंचमी पर दर्शन के दौरान भगदड़, कई श्रद्धालु घायल; VIDEO
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने जताया गहरा शोक
हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बिहार के लखीसराय जिले में भगदड़ की दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ. मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूँ."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, "बिहार के लखीसराय में मची भगदड़ में लोगों की जान जाने से दुखी हूँ. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा है."
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं.
कैसे घटी यह घटना?
जिला प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 6:30 से 6:40 बजे के बीच घटी. सावन के तीसरे सोमवार के चलते मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार पास के अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी.
उसी दौरान पास के रेलवे हॉल्ट पर दो ट्रेनें आकर रुकीं, जिससे अचानक भारी संख्या में श्रद्धालु कतार की ओर बढ़े. पुरुषों की कतार के पास एक खंभा गिरने और बिजली का तार टूटने की अफवाह फैल गई, जिससे लोगों में अचानक अफरा-तफरी मच गई. भीड़ के भारी दबाव के कारण बैरिकेड्स पर असर पड़ा और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे यह दुखद हादसा हुआ.
राहत-बचाव कार्य और 4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
घटना के तुरंत बाद मौके पर तैनात पुलिस बल और आपातकालीन टीमों ने बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तुरंत लखीसराय के सदर अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
बिहार सरकार ने मृतकों के आश्रितों के लिए ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) की घोषणा की है. जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट की व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.