Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद PM मोदी का संदेश, जारी किया VIDEO
अपने तीन मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले ढाई महीनों में इस दिशा में कई कड़े कदम उठाए हैं.
Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधारों का लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया है. अनशन समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो संदेश जारी कर देश भर के छात्रों और अभिभावकों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की गहन जांच, कड़े कानूनों और संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा का आश्वासन दिया है.
पीएम मोदी का वीडियो संदेश
अपने तीन मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले ढाई महीनों में इस दिशा में कई कड़े कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और दोषियों को पकड़ा गया है.
पीएम मोदी संदेश
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सरकार संसद के चालू सत्र में पेपर लीक रोधी एक नया विधेयक (Bill) पेश करने जा रही है. इस प्रस्तावित कानून में फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन और दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त सजा के प्रावधान शामिल होंगे.
मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में तोड़ा अनशन
सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना अनशन समाप्त किया. केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया, जिसमें उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो भी उपस्थित थीं.
अनशन खत्म करने के बाद जारी अपने पहले वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि वे सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर सहमत हुए, जिसके लिए दो दिनों तक गहन वार्ता चली.
केंद्र सरकार का लिखित आश्वासन और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को राहत
सरकार द्वारा दिए गए लिखित पत्र में यह प्रतिबद्धता जताई गई है कि 20 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च सहित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2026 09:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

