बिहार के सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले सिपाही पर बड़ी कार्रवाई, निलंबन के बाद विभागीय जांच शुरू

यह कार्रवाई 25 जुलाई को आयोजित राज्यव्यापी प्रदर्शन के दौरान सामने आई इस घटना के बाद की गई है, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं.

Siwan Firing Case: बिहार के सिवान जिले में 25 जुलाई को 'बिहार बंद' के दौरान छात्र आंदोलन पर एके-47 (AK-47) राइफल से गोलियां चलाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विशेष जांच टीम (SIT) के सदस्य सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

यह कार्रवाई 25 जुलाई को आयोजित राज्यव्यापी प्रदर्शन के दौरान सामने आई इस घटना के बाद की गई है, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने औपचारिक विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.  यह भी पढ़े:  Mumbai CJP Protest Viral Video: पुलिस वैन के आगे सीना तानकर खड़ी हुई महिला; मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान 'रिया अहीर' का वीडियो वायरल

वायरल वीडियो के बाद प्रशासनिक कार्रवाई

सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए फुटेज में आरोपी पुलिसकर्मी जेपी चौक के पास प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 राइफल से कई राउंड फायरिंग करता नजर आ रहा है. वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन ने प्राथमिक समीक्षा के बाद सिपाही को निलंबित कर दिया.

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, लेकिन स्वीकृत कार्यप्रणाली (SOP) से परे जाकर बल प्रयोग करने के किसी भी मामले की गहन पड़ताल की जाएगी. विभागीय जांच में यह तय किया जाएगा कि फायरिंग परिस्थितियों के अनुकूल थी या नहीं.

हिंसा में तीन लोग घायल, हालत स्थिर

सिवान में हुए इस उपद्रव और फायरिंग के दौरान तीन लोग घायल हो गए थे. घायलों को इलाज के लिए पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने सभी की हालत स्थिर बताई है.

घायलों में 15 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भी शामिल है. परिजनों के अनुसार, वह अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहा था, तभी उसकी गर्दन में गोली लग गई. डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए गोली निकाल दी है और वह अब खतरे से बाहर है.

नीट परीक्षा धांधली को लेकर था प्रदर्शन

यह घटना 25 जुलाई को छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए और विपक्षी दलों द्वारा समर्थित 'बिहार बंद' के दौरान हुई. प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET) में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र सड़क पर उतरे थे.

प्रदर्शन के दौरान सिवान, पटना और छपरा सहित कई जिलों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव और तोड़फोड़ के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे और लाठीचार्ज हुआ था.

राजनीतिक बयानबाजी तेज

घटना के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. विपक्षी नेताओं ने छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने पर सवाल उठाए हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सिवान में AK-47 के इस्तेमाल की निंदा करते हुए सरकार को घेरा है.

फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

Share Now