SIM Card: दूरसंचार विभाग की मोबाइल यूजर्स को सख्त चेतावनी, सिम के गलत इस्तेमाल पर 3 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना

दूरसंचार विभाग (DoT) ने सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल, दूसरों को सिम देने और आईएमईआई (IMEI) से छेड़छाड़ को लेकर मोबाइल उपयोगकर्ताओं को चेतावनी जारी की है. टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

 SIM Card: दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश के मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है. विभाग ने अपने नाम पर जारी सिम कार्ड का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग किए जाने, फर्जी तरीके से सिम हासिल करने और आईएमईआई (IMEI) नंबर से छेड़छाड़ को लेकर सख्त चेतावनी दी है. टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत इन नियमों का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. यह चेतावनी उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनके पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के बिना सिम कार्ड एक्टिवेट कर दिए गए हैं.

छत्तीसगढ़ में उजागर हुआ फर्जीवाड़ा

DoT ने यह कदम हाल ही में एक साइबर अपराध जांच के दौरान सामने आए मामले के बाद उठाया है. छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट ने नागरिकों के पहचान पत्रों का उपयोग कर बिना उनकी सहमति के 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट कर दिए थे. मामला उजागर होने के बाद दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों ने उस PoS एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया. इसके अलावा डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के जरिए इन 25 नंबरों की जांच की गई और री-वेरिफिकेशन में विफल रहे नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया गया.   यह भी पढ़े:   New SIM Rule: भारत में लागू हुए नए सिम कार्ड नियम, एक व्यक्ति के नाम 9 से अधिक मोबाइल कनेक्शन लेने पर रोक

किन गतिविधियों से बचें उपभोक्ता?

दूरसंचार विभाग ने उपभोक्ताओं को कई ऐसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी है जो कानूनी पचड़े में डाल सकती हैं. इनमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम लेना, धोखाधड़ी करना, या अपने नाम से जारी सिम को किसी अन्य व्यक्ति को बेचना या सौंपना शामिल है. विभाग ने चेतावनी दी है कि अपने नाम पर सिम लेकर उसे किराए पर देना या "म्यूल सिम" के रूप में साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल करने देना भी मूल ग्राहक को कानूनी रूप से जिम्मेदार बना सकता है.

इसके अलावा, सिम बॉक्स, मॉडम या ऐसे उपकरणों का उपयोग करने से मना किया गया है जिनमें IMEI नंबर बदला जा सकता हो. साथ ही कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) या अन्य टेलीकॉम आइडेंटिफायर को बदलने वाले ऐप्स और वेबसाइटों से दूर रहने की हिदायत दी गई है.

अपने नाम दर्ज सिम की जांच कैसे करें?

विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल या मोबाइल ऐप का नियमित रूप से उपयोग करें. इस सरकारी पोर्टल के जरिए उपभोक्ता यह जांच सकते हैं कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं. यदि कोई ऐसा नंबर दिखता है जो उनका नहीं है या जिसकी उन्हें जरूरत नहीं है, तो वे उसे बंद या ब्लॉक कराने की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं.

इसके अलावा, संचार साथी पोर्टल पर उपलब्ध "चेक जेन्युइननेस ऑफ योर मोबाइल हैंडसेट" (Check Genuineness of Your Mobile Handset) सुविधा के माध्यम से किसी भी मोबाइल फोन के IMEI विवरण और उसकी प्रामाणिकता की जांच भी की जा सकती है.

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