Lalbaugcha Raja: लालबागचा राजा पंडाल के फीडर पिलर में शॉर्ट सर्किट, बड़ा हादसा टला; मुंबई में करंट की दो अलग घटनाओं में 3 की मौत
मुंबई के सुप्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' गणेश पंडाल में रविवार, 20 सितंबर को बिजली के फीडर पिलर में शॉर्ट सर्किट होने की घटना सामने आई। ड्यूटी पर मौजूद तकनीकी दल और दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ और दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रही.
मुंबई: गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र 'लालबागचा राजा' पंडाल परिसर में रविवार को उस समय कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया, जब वहां लगे एक इलेक्ट्रिकल फीडर पिलर (बिजली वितरण कैबिनेट) में मामूली शॉर्ट सर्किट हो गया.
नागरिक अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों और मौके पर तैनात तकनीशियनों ने तुरंत बिजली आपूर्ति काटकर खराबी को ठीक कर दिया. इस त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और किसी भी भक्त या कर्मचारी को चोट नहीं आई. हालांकि, उत्सव की भीड़ के बीच महानगर के अन्य दो स्थानों पर बिजली के करंट से जुड़े हादसों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: Lalbaugcha Raja Live Darshan: देश-विदेश से घर बैठे करें लालबागचा राजा के दर्शन, पाएं बप्पा से मन की मुराद
लालबागचा राजा पंडाल में क्या हुआ?
नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पंडाल के निकट विद्युत तारों और स्विचगियर को नियंत्रित करने वाले बाहरी 'फीडर पिलर' में हल्की चिंगारी और धुआं देखा गया था.
- बिजली व्यवस्था में ट्रिपिंग होते ही सुरक्षा दल सक्रिय हो गया.
- तत्काल प्रभाव से फॉल्ट को दुरुस्त किया गया, जिसके बाद पंडाल में दर्शन की कतारों को सामान्य रूप से आगे बढ़ाया गया.
- प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुख्य मंडप और प्रतिमा के आसपास की आंतरिक वायरिंग पूरी तरह सुरक्षित है.
कालाचौकी हादसा: कोल्ड ड्रिंक स्टॉल पर करंट लगने से बच्ची और महिला की मौत
लालबाग क्षेत्र के ही कालाचौकी स्थित दत्तात्रेय लाड मार्ग पर रविवार तड़के करीब 2:20 से 2:40 बजे एक भीषण हादसा हुआ.
- स्टॉल में फैला करंट: दिग्विजय मिल चॉल के पास महागणपति उत्सव मंडल के प्रवेश द्वार के निकट पेयजल और कोल्ड ड्रिंक का एक अस्थायी स्टॉल लगाया गया था. बारिश और लोड के चलते वहां खुले तारों से बिजली का करंट स्टॉल के ढांचे में उतर आया.
- दो की मौत, चार झुलसे: दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु जब भीड़ से बचने के लिए स्टॉल के पास रुके, तभी 8 वर्षीय रागिनी घनश्याम यादव और 33 वर्षीय सुजाता थोरती करंट की चपेट में आ गईं. दोनों को नजदीकी मसीना और ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
- इस हादसे में चार अन्य लोग (जिनमें 12 वर्ष की एक बच्ची और तीन किशोर शामिल हैं) झुलस गए, जिनका उपचार आईसीयू में चल रहा है।कालाचौकी पुलिस ने लापरवाही के आरोप में स्टॉल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
जोगेश्वरी: विसर्जन के लिए बने कृत्रिम तालाब में उतरा कर्मचारी, करंट से तोड़ा दम
रविवार दोपहर को करंट लगने की दूसरी घातक घटना मुंबई के उपनगरीय इलाके जोगेश्वरी (पूर्व) में दर्ज की गई.
- शाम नगर झील का मामला: बीएमसी द्वारा श्याम नगर तालाब के पास गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बनाए गए कृत्रिम तालाबों की सफाई का कार्य चल रहा था.
- मोटर पंप चालू रहने से हादसा: ठेकेदार के अधीन कार्यरत 19 वर्षीय सफाई कर्मचारी रोहित भीमू राठौड़ पानी में उतरा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, तालाब से पानी खींचने के लिए लगा सबमर्सिबल मोटर पंप चालू था, जिससे पूरे पानी में करंट फैल गया.
- गंभीर रूप से झुलसे रोहित को तुरंत पास के ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेघवाड़ी पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की सुरक्षा ऑडिट की मांग
एक ही दिन में घटी इन घटनाओं के बाद नागरिक समूहों और गणेशोत्सव समन्वय समितियों ने पंडालों, विसर्जन स्थलों और आसपास लगने वाले अस्थायी फूड स्टॉल्स के विद्युत सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी की मांग की है. बीएमसी और 'बेस्ट' (BEST) के विद्युत निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारी भीड़ वाले सभी पंडाल क्षेत्रों में खुले तारों, अर्थिंग और एमसीबी (MCB) की जांच तुरंत पूरी करें ताकि आगामी अनंत चतुर्दशी के विसर्जन तक किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके.