Vande Bharat Train Accident: गुजरात के राजकोट में 'सेल्फी' बनी काल, वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से यूपी के 2 मजदूरों की मौत, 1 गंभीर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

राजकोट/अहमदाबाद: सोशल मीडिया (Social Media) के लिए रोमांचक फोटो और वीडियो बनाने का शौक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है. सोमवार, 2 फरवरी 2026 की शाम गुजरात (Gujarat) के राजकोट (Rajkot) जिले में वेरावल-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस (Veraval-Ahmedabad Vande Bharat Express) की चपेट में आने से दो प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल है. पुलिस के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों युवक रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर 'ग्रुप सेल्फी' (Group Selfie) ले रहे थे. यह भी पढ़ें: PM Narendra Modi Malda Visit: मालदा में पीएम मोदी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी, 'परिवर्तन संकल्प' रैली से फूंकेंगे चुनावी बिगुल

सेल्फी लेते समय हुआ हादसा

अजी डैम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक (SI) ए.आर. राठौड़ ने बताया कि यह घटना शाम करीब 4:45 बजे भक्तिनगर और रिबदा रेलवे स्टेशनों के बीच एक रेलवे फाटक के पास हुई. उत्तर प्रदेश के रहने वाले तीन दोस्त—संदीप पटेल, संदीप कोली और कपिल पटेल—एक स्थानीय कारखाने में काम करते थे.

वे अपने एक साथी संदीप पटेल को छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे, जो अपने पैतृक गांव लौटने वाला था. रास्ते में उन्होंने ट्रैक के पास रुककर फोटो खिंचवाने का फैसला किया। इसी दौरान वेरावल से अहमदाबाद जा रही तेज रफ्तार वंदे भारत ट्रेन वहां पहुंच गई.

ट्रैक से दूरी का गलत अनुमान

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों युवक ट्रेन के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में पटरियों के बेहद करीब आ गए थे. उन्होंने सेमी-हाई स्पीड ट्रेन की रफ्तार और दूरी का गलत अनुमान लगाया.

  • संदीप पटेल की मौके पर ही मौत हो गई.
  • संदीप कोली ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
  • कपिल पटेल की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका राजकोट सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है.

रेलवे पुलिस की चेतावनी

घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगाए और ट्रेन कुछ देर के लिए घटनास्थल पर रुकी रही. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की गति सामान्य मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों से काफी अधिक होती है, जिसे अक्सर लोग भांप नहीं पाते. यह भी पढ़ें: Vande Bharat Sleeper Train Test: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परीक्षण पूरा, आरडीएसओ और सीआरएस से मंजूरी का इंतजार

सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल

यह त्रासदी भारतीय रेलवे ट्रैक पर बढ़ते ‘सेल्फी डेथ’ के खतरों को फिर से उजागर करती है. रेलवे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पटरियों पर अतिक्रमण करना और प्रतिबंधित क्षेत्रों में मोबाइल का उपयोग करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है. पुलिस अब घटनास्थल से बरामद मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि घटना के समय की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके.