Ranchi Liquor Shop News: रांची की वाइन शॉप में घुसी बंदरिया, शराब पीकर दुकान में ही झपकी लेने लगी; देखें VIDEO
रांची के ओरमांझी में ब्लॉक चौक स्थित एक शराब दुकान में गर्भवती बंदरिया के घुसने और शराब पीने की घटना सामने आई है. शराब का नशा चढ़ने पर बंदरिया ने उत्पात मचाया और एक कर्मचारी को काट लिया.
Ranchi Liquor Shop News: झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी ब्लॉक चौक स्थित बांके बिहारी मार्केट की एक सरकारी शराब दुकान में शुक्रवार शाम एक अजीबोगरीब घटना सामने आई. एक गर्भवती बंदरिया अचानक वाइन शॉप के अंदर दाखिल हो गई और वहां रखी एक शराब की बोतल का ढक्कन दांतों से खोलकर उसे पी गई. शराब पीने के कुछ देर बाद बंदरिया नशेडू होकर दुकान के अंदर ही सो गई. इस पूरी घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और भगवान बिरसा जैविक उद्यान की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित बाहर निकाला.
दुकान में अफरा-तफरी और कर्मचारी पर हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7 बजे यह घटना घटी. दुकान में घुसने के बाद जब कर्मचारियों ने बंदरिया को भगाने का प्रयास किया, तो वह आक्रामक हो गई. इस दौरान बंदरिया ने दुकान के एक कर्मचारी रामाशंकर तिवारी (50 वर्ष) पर हमला कर दिया और उन्हें काटकर घायल कर दिया.
वाइन शॉप में घुसी बंदरिया
कर्मचारी के घायल होने के बाद भयभीत होकर अन्य सेल्समैन दुकान छोड़कर बाहर भाग निकले. इसके बाद बंदरिया ने काउंटर पर रखी एक क्वार्टर बोतल उठाई और उसे गटक लिया.
ढाई घंटे चला हाई ड्रामा, रेस्क्यू टीम ने पाया काबू
शराब पीने के बाद बंदरिया दुकान के फर्श पर बेसुध होकर सो गई. घटना की खबर फैलते ही ब्लॉक चौक के पास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों की सूचना पर भगवान बिरसा जैविक उद्यान, ओरमांझी से एक विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई गई.
उद्यान की वन क्षेत्र पदाधिकारी के नेतृत्व में आई टीम ने लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बंदरिया को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में रेस्क्यू कर लिया. घायल कर्मचारी को इलाज के नजदीकी अस्पताल भेजा गया.
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
दुकान के अंदर बंदरिया के शराब पीने और फिर अचेत होकर सोने का वीडियो स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रेस्क्यू की गई बंदरिया को जैविक उद्यान में स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा.