Pune Pimpri-Chinchwad: निगड़ी मंदिर में नाबालिग से रेप कोशिश की, हवसी मजदूर का VIDEO आया सामने

पुणे के पिंपरी-चिंचवड के निगडी इलाके में एक शिव मंदिर के अंदर दर्शन करने गई नाबालिग बच्ची से दरिंदगी की कोशिश का मामला सामने आया है. मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़े एक मजदूर ने इस घटना को अंजाम दिया, जिसे पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तुरंत गिरफ्तार कर लिया है.

Pimpri-Chinchwad: महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड शहर के निगडी इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. निगडी के एक स्थानीय शिव मंदिर में दर्शन करने गई एक नाबालिग बच्ची के साथ मंदिर परिसर में ही कुकर्म और छेड़छाड़ का प्रयास किया गया. यह पूरी घिनौनी हरकत मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे (CCTV) में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मेट्रो कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है.

इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.

कैसे सामने आया पूरा मामला?

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 10 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे की है. पीड़िता नाबालिग लड़की रोजाना की तरह निगडी स्थित एक शिव मंदिर में दर्शन करने गई थी. वह गाभाऱ्या में भगवान के सामने माथा टेककर जैसे ही बाहर निकलने लगी, वहां पहले से ताक में बैठे आरोपी ने उस पर झपट्टा मार दिया.

पीड़ित बच्ची ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह खुद को बचाया और वहां से भागकर अपनी जान बचाई. घटना के बाद जब मंदिर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो आरोपी की यह घिनौनी करतूत स्पष्ट रूप से सामने आ गई.

आरोपी मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ा है मजदूर

जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिर के पास ही चल रहे मेट्रो पिलर निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ एक कंत्राटी (contractual) कामगार है. आरोपी की पहचान विशाल सिंह के रूप में हुई है.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निगडी पुलिस स्टेशन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है.

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और मजदूरों के सत्यापन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है. नागरिकों का कहना है कि बड़े बुनियादी ढांचे और मेट्रो परियोजनाओं के तहत काम करने वाले बाहरी मजदूरों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) समय पर होना चाहिए.

धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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