VIDEO: तमिलनाडु में मैच हारने पर टीचर ने बुरी तरह पीटा, खिलाड़ियों के बाल खींचकर लातों से मारा, आरोपी सस्पेंड
तमिलनाडु में फुटबॉल मैच हारने के बाद एक पीटी शिक्षक ने खिलाड़ियों को बेरहमी से पीटा, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. शिक्षक ने न केवल थप्पड़ मारे बल्कि बाल खींचे और उन्हें लात-घूसे भी मारे.
तमिलनाडु के सलेम में एक फुटबॉल मैच हारने के बाद एक पीटी शिक्षक द्वारा खिलाड़ियों को बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना में, अनामलाई नामक एक निजी स्कूल के शारीरिक शिक्षा शिक्षक ने खिलाड़ियों को न केवल थप्पड़ मारे बल्कि उनके बाल खींचे और उन्हें लात-घूसे भी मारे. यह वीडियो 10 अगस्त से वायरल हो रहा है, जिसके बाद अनामलाई को निलंबित कर दिया गया है.
यह वीडियो एक फुटबॉल मैच के बाद का है, जिसमें अनामलाई खिलाड़ियों के प्रदर्शन से नाखुश नजर आ रहे थे. उन्होंने मैदान में बैठे बच्चों को बारी-बारी से बुलाया, उन्हें बताया कि उन्होंने कहाँ गलती की, और फिर उन्हें थप्पड़ मारे. कुछ खिलाड़ियों के बाल भी खींचे गए और उन्हें लात मारी गई. इस दौरान, अन्य शिक्षक और बच्चे भी वहां मौजूद थे, लेकिन किसी ने बच्चों को बचाने की कोशिश नहीं की.
वीडियो के वायरल होने के बाद कार्रवाई
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद, सलेम के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) एम. कबीर ने अनामलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने अनामलाई को तुरंत निलंबित कर दिया. स्कूल द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि अनामलाई पिछले 22 वर्षों से इस स्कूल में कार्यरत थे, लेकिन इस घटना ने स्कूल की छवि को धूमिल कर दिया है. अनामलाई ने अपने इस व्यवहार के लिए स्पष्टीकरण देने की कोशिश की, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया.
मैच हारने पर टीचर ने बुरी तरह पीटा
तमिलनाडु : सलेम में फिजिकल एजुकेशन के एक टीचर ने फुटबॉल मैच हारने पर खिलाड़ियों को बुरी तरह पीटा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद टीचर को सस्पेंड कर दिया गया.#TamilNadu | #Teacher | #Football pic.twitter.com/NJTOZdRdVa
— NDTV India (@ndtvindia) August 12, 2024
लोगों की प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा और निराशा की लहर है. लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि कैसे एक शिक्षक इस तरह का व्यवहार कर सकता है और कैसे अन्य शिक्षक और बच्चे इसे मूकदर्शक बनकर देखते रहे. इस मामले ने न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं बल्कि उन मानकों पर भी जिनके तहत शिक्षक बच्चों के साथ व्यवहार करते हैं.
शिक्षक के पद पर आसीन व्यक्ति को अपने गुस्से और निराशा पर नियंत्रण रखना कितना महत्वपूर्ण है. बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2024 01:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

