जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगना तय, उमर अब्दुल्ला ने की जल्द चुनाव की वकालत
जम्मू एवं कश्मीर की गठबंधन सरकार से बीजेपी द्वारा समर्थन बापस लेने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल एनएन वोहरा को सौंप दिया. इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में गठबंधनवाली सरकार बनाने से साफ़ इंकार करते हुए जल्द चुनाव कराने की मांग की है.
श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर की गठबंधन सरकार से बीजेपी द्वारा समर्थन बापस लेने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल एनएन वोहरा को सौंप दिया. इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में गठबंधनवाली सरकार बनाने से साफ़ इंकार करते हुए जल्द चुनाव कराने की मांग की है.
उमर अब्दुल्ला ने मुफ्ती के इस्तीफे के बाद जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल से मुलाकात की. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस किसी के साथ नहीं जाएगी. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यहां राज्यपाल शासन ही लगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा की राज्यपाल शासन अधिक समय तक नहीं रहना चाहिए. उन्होंने राज्यपाल से कहा की जम्मू कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव हो जिससे वहां की जनता अपनी हुकूमत खुद चुन सके.
जम्मू एवं कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार गिरने के बाद राज्य में मंगलवार से राज्यपाल शासन अपरिहार्य हो गया है. वहीँ महबूबा मुफ्ती ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की एक आपात बैठक बुलाई है.
एक चकित करने वाले घटनाक्रम के तहत भाजपा ने राज्य सरकार में अपने सभी मंत्रियों को नई दिल्ली बुलाया और उसके बाद उसने घोषणा की कि पार्टी ने पीडीपी-भाजपा गठबंधन से बाहर होने का निर्णय लिया है.
भाजपा नेता राम माधव ने कहा कि भाजपा के लिए सरकार में बने रहना कठिन हो गया था. उन्होंने कहा, "इसलिए हमने सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया." उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा-व्यवस्था इतनी बुरी हो गई थी कि देश की अखंडता को ध्यान में रखते हुए हमें समर्थन खत्म करने का फैसला लेना पड़ा.
वरिष्ठ भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा के सभी मंत्रियों का इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है. गुप्ता ने कहा, "राज्यपाल को निर्णय के बारे में सूचित किया जा रहा है और अब राज्य में अगले संवैधानिक कदम पर निर्णय वही लेंगे."
2014 के विधानसभा चुनाव बाद भाजपा से समर्थन मिलने के बाद पीडीपी ने गठबंधन सरकार बनाया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2018 05:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

