मोदी सरकार की 'एक देश एक चुनाव' मुहिम को EC ने दिया झटका, कहा-No chance at all
बता दें कि आयोग की ओर से यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाव को अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव तक के लिए टाला जा सकता है.
नई दिल्ली: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी की 'एक देश एक चुनाव' की महत्वाकांक्षी कोशिश को बड़ा झटका लगा है. इसी कड़ी में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ओ.पी.रावत ने औरंगाबाद में मीडिया से बातचीत में इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया. रावत ने कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराए जाने को लेकर लीगल फ्रेमवर्क पर काफी काम किए जाने की जरुरत है. मुख्य चुनाव आयुक्त से जब ये सवाल किया गया कि क्या लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं तो इसपर सीईसी का जवाब था कि 'कोई चांस नहीं' (No chance at all) मतलब उन्होंने एक साथ चुनाव की संभावनाओं पर विराम लगा दिया.
बता दें कि आयोग की ओर से यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाव को अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव तक के लिए टाला जा सकता है.
मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल इस साल 15 दिसंबर को खत्म हो रहा है, जबकि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में विधानसभा अगले साल क्रमश: 5 जनवरी, 7 जनवरी और 20 जनवरी को खत्म हो रहा है.
गौरतलब है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाने को लेकर स्वस्थ और खुली बहस कराने की बात कही थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2018 10:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

