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मैनपुरी लोकसभा सीट 2019 के चुनाव परिणाम: शुरुवाती रुझान मुलायम सिंह यादव आगे, बीजेपी दुसरें नंबर पर

मुलायम सिंह ने मैनपुरी सीट से साल 1996, 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में भारी मतों के अंतर से चुनाव जीत दर्ज कराकर अपने विरोधियों को पछाड़ चुके हैं. समाजवादी पार्टी ने 1996 से लेकर अब तक उप-चुनाव समेत इस सीट से आठ बार चुनाव जीती है

मैनपुरी लोकसभा सीट 2019 के चुनाव परिणाम: शुरुवाती रुझान मुलायम सिंह यादव आगे, बीजेपी दुसरें नंबर पर
यहां बीजेपी का नहीं खुला है कभी खाता ( फाइल फोटो )

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी लोकसभा सीट का चुनावी रुझान आना शुरू हो गया है. साल 2014 में यहां से मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव चुनाव जीते थे. वहीं इस बार मुलायम को टक्कर देने के लिए मैनपुरी लोकसभा सीट से बीजेपी ने प्रेम सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाया गया है. वहीं कांग्रेस ने किसी को नहीं उतारा है. आपको जानकारी हैरानी होगी कि मैनपुरी सीट पर आज तक बीजेपी अपनी जीत दर्ज नहीं कर पाई है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां से 72 सीटों को हासिल किया था.

उत्तर प्रदेश ( UP) के मैनपुरी (Mainpuri ) सीट बेहद खास है. यहां अगर किसी की तूती बोली तो वे हैं सपा (Samajwadi Party) के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती है. 2014 में मुलायम सिंह यादव खुद इस सीट से मैदान में उतरे थे और 3,64,666 के अंतर से जिते थे. हालांकि, वे साथ ही आजमगढ़ से भी जीते थे जिसकी वजह से उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी थी और पोते तेज प्रताप सिंह यादव को मैदान में उतारा था. तेज प्रताप सिंह यादव भी आसानी से जीत गए थे. इस बार का चुनाव बेहद खास माना जा रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में यूपी में सपा की सरकार को हारकर बीजेपी ने योगी को सीएम बनाया. शायद यह भी के कारण हो सकता है कि इस बार यहां कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती हैं.

मुलायम सिंह ने मैनपुरी सीट से साल 1996, 2004, 2009 और 2014  में जीत दर्ज कर अपने विरोधियों को पछाड़ चुके हैं. समाजवादी पार्टी ने 1996 से लेकर अब तक उप-चुनाव समेत इस सीट से आठ बार चुनाव जीती है.

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जानें मैनपुरी लोकसभा सीट और जातीय समीकरण

मैनपुरी लोकसभा में साल 2014 के आंकड़ों के अनुसार करीब 16 लाख से अधिक वोटर हैं. इनमें सबसे ज्यादा वोटर यादव जाति के हैं. यही कारण है कि सीट पर यादव वोटरों का वर्चस्व हमेशा रहा है. यहां कुल 35 फीसदी वोटर यादव समुदाय से हैं. उसके बाद 2.5 लाख वोटर शाक्य हैं. यही एक कारण है कि सायकिल का पहिया कभी पंचर नहीं हुआ और मुलायम आगे निकलते गए.

पांच विधानसभा सीटें

इस लोकसभा क्षेत्र में कुल 5 विधानसभाएं आती हैं. जिनमें मैनपुरी, भोगांव, किशनी, करहल और जसवंतनगर शामिल हैं.

 

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गौरतलब हो कि इस बार के चुनाव में तकरीबन 90 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे. इस बार के लोकसभा की 543 सीटों के लिए मतदान 11 अप्रैल, 18, 23, 29 अप्रैल और छह, 12, 19 मई को संपन्न हुआ.

(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2019 09:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).