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महाराष्ट्र की MVA सरकार में अंतरकलह? शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस नेताओं के बयान के क्या हैं मायने

महाराष्ट्र (Maharashtra) में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है. महाराष्‍ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर महा विकास अघाड़ी (MVA) में फूट पड़ती साफ-साफ दिखाई दे रही है.

महाराष्ट्र की MVA सरकार में अंतरकलह? शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस नेताओं के बयान के क्या हैं मायने
शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस (Photo credit: PTI/ANI)

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है. महाराष्‍ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर महाविकास अघाड़ी (MVA) में फूट पड़ती साफ-साफ दिखाई दे रही है. गठबंधन के तीनों दल- शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP)... अलग-अलग सुर में बोल रहे हैं. MVA सरकार का नेतृत्‍व कर रही शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) को नसीहतें दीं। दूसरी तरफ वहीं, पूर्व कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने शिव सेना से सवाल पूछ रहे है. निरुपम ने पूछा कि जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार कह चुके हैं कि गृहमंत्री के भविष्‍य का फैसला मुख्‍यमंत्री करें और सीएम शिवसेना से हैं तो उन्‍हें किसने रोक रखा है? महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का बड़ा बयान, कहा- पूर्व मुंबई कमिश्नर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के रिटायर जज करेंगे

शिवसेना के नेता और राज्‍यसभा सांसद संजय राउत ने 'सामना' के साप्ताहिक कॉलम रोकठोक में अनिल देशमुख के बारे में जमकर कहा है. राउत ने लिखा है कि 'अनिल देशमुख ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से बेवजह पंगा लिया।' एंटीलिया केस में गिरफ्तार हो चुके मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वझे को लेकर राउत ने लिखा, 'वझे महज एक सहायक पुलिस निरीक्षक था। उसे मुंबई पुलिस का असीमित अधिकार किसके आदेश पर दिया यह वास्तविक जांच का विषय है। मुंबई पुलिस आयुक्तालय में बैठकर वझे वसूली कर रहा था और गृहमंत्री को इस बारे में जानकारी नहीं होगी?'

संजय राउत ने कहा कि अनिल देशमुख को गृह मंत्री का पद दुर्घटनावश मिल गया. जयंत पाटील, दिलीप वलसे ने गृहमंत्री का पद स्वीकार करने से मना कर दिया था. तब यह पद शरद पवार ने देशमुख को सौंपा. कुछ दिनों पहले ही संजय राउत, अनिल देशमुख का बचाव करते हुए कहा था कि अगर मंत्री ऐसे ही इस्तीफा देते रहे तो काम कौन करेगा?

सामना में आर्टिकल पढ़ने के बाद संजय निरुपम ने ट्वीट कर शिवसेना नेतृत्‍व पर ही सवाल खड़े कर दिए. निरुपम ने लिखा, "शिवसेना ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री के चाल-चलन पर शक जाहिर किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुखिया कह चुके है कि गृहमंत्री के भविष्य का फैसला मुख्यमंत्री करें। मुख्यमंत्री शिवसेना के हैं और मौन साधे हैं। फिर ऐक्‍शन लेने से मुख्यमंत्री को किसने रोक रखा है?"

इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने शनिवार को कहा कि शिवसेना सांसद संजय राउत एनसीपी चीफ शरद पवार के प्रवक्ता बन गए हैं. उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि बीते दिनों संजय राउत ने कहा था कि शरद पवार को यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस यानी UPA का अध्यक्ष बना देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि संजय राउत शरद पवार के प्रवक्ता बन गए हैं. शिवसेना यूपीए का हिस्सा नहीं है. इसलिए उन्हें इस तरह का बयान देने का कोई अधिकार नहीं.

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्‍नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर अनिल देशमुख पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा, देशमुख ने वझे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट दिया था. देशमुख ने इन आरोपों को सिरे से खारिज क‍ियापरमबीर सिंह ने देशमुख पर लगाए आरोपों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2021 05:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).