लोकसभा चुनाव 2019: चुनाव आयोग पर भड़की मायावती, लगाया दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने चुनाव प्रचार करने से रोके जाने को लेकर बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया.
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने चुनाव प्रचार करने से रोके जाने को लेकर बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया.यहां गोपालगंज दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम में अपनी पार्टी के उम्मीदवार कुणाल किशोर के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने आरोप लगाया, ''दलित विरोधी मानसिकता वाले निर्वाचन आयोग ने मुझे दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में आगरा (उप्र) जाने से रोका। इसका सही जवाब यह होगा कि आप अपने क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी को जीता कर केंद्र में सरकार (उनकी पार्टी की सरकार) बनाने का रास्ता साफ करें.
उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी गलत नीतियों पर से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रही है, जो सरासर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं, निर्वाचन आयोग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है. उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे के लिए और बसपा सुप्रीमो मायावती पर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने से रोक लगा दी थी. आयोग ने दोनों नेताओं के राजनीतिक भाषणों में "आपत्तिजनक" बयान दिए जाने के चलते उनके चुनाव प्रचार करने पर यह रोक लगाई. यह भी पढ़े: लोकसभा चुनाव 2019: बीएसपी सुप्रीमो मायावती को लगा बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने किया EC के बैन के खिलाफ याचिका सुनने से इनकार
मायावती ने कहा ''चार बार मुख्यमंत्री (मायावती के) रहने के बावजूद हमारी पार्टी ने चुनाव पूर्व घोषणा घोषणा पत्र जारी नहीं किया। हम कार्य में विश्वास करते हैं, घोषणाओं में नहीं. उन्होंने कहा ''कांग्रेस और भाजपा जैसे दल जो घोषणा पत्र जारी करते हैं, सरकार बनाने के बाद उसे रद्दी की टोकरी में फेक देते हैं. मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र पर काम किया होता तो आज देश में दयनीय स्थिति नहीं होती. उन्होंने कहा "हम कांग्रेस के जुमले की तरह 6,000 रूपये देने की जुमलेबाजी नहीं करते। हमारी सरकार आने पर हम किसानों को सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में स्थाई रोजगार देंगे. मायावती ने आरोप लगाया ''भाजपा ने अच्छे दिन लाने और 15-15 लाख रुपए खातों में भेजने की घोषणा की थी, उसका कुछ नहीं हुआ। इसलिए इनके घोषणा पत्र के बहकावे में ना जाएं. उन्होंने आरोप लगाया, ''केंद्र में आरएसएसवादी और पूंजीवादी सरकार चल रही है.’’
मायावती ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी की कोई ''नौटंकी'' या ''जुमलेबाजी'' या ''चौकीदारी'' इस चुनाव में प्रभाव नहीं डाल पाएगी। ये सारे चौकीदार मिलकर भी केंद्र सरकार को बचाने में सफल नहीं होंगे। कांग्रेस की तरह भाजपा भी केंद्र सरकार से बाहर जाने वाली है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा की गलत नीतियों के कारण अभी तक आरक्षित पदों को भरा नहीं जा सका है। प्राइवेट क्षेत्र में आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं बनाई जा सकी है. मायावती ने आरोप लगाया कि पूरे देश में दलितों, वंचितों और मुसलमानों की दयनीय हालत केंद्र की भाजपा सरकार के कारण बनी है और विकास ठप हो गया है.
मायावती ने कहा कि सवर्ण गरीबों की हालत भी कोई अच्छी नहीं है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण देश में बेरोजगारी बढ़ी है। व्यापारी त्रस्त है. मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बोफोर्स, तो भाजपा राफेल घोटाले में फंसी हुई है। देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं है। आतंकी हमले हो रहे हैं और सेना का राजनीतिकरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने सीबीआई और आयकर विभाग का दुरुपयोग किया तथा अब यही काम भाजपा कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 18, 2019 06:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

