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बंगाल भाजपा को 300 के पार पहुंचाएगा: सुनील देवधर

देवधर ने कहा, "जब मैं बंगाल आया, मैंने सोचा कि हम 20-21 सीट जीतने में सफल होंगे और तब मैंने कहा था '19 में हाफ 21 में साफ' (यानी तृणमूल की सीट 2019 लोकसभा चुनाव में घटकर आधी हो जाएगी और 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल का सफाया हो जाएगा)।

बंगाल भाजपा को 300 के पार पहुंचाएगा: सुनील देवधर
सुनील देवधर (Photo Credits-Facebook)

नई दिल्ली. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने कहा कि भाजपा वैसे तो पश्चिम बंगाल की सीटों के बिना ही बहुमत के आंकड़े को छू लेगी लेकिन राज्य (बंगाल) में पार्टी को मिलने वाली सफलता उसे 300 के आंकड़े को पार पहुंचाने में मदद करेगी। देवधर को त्रिपुरा में 25 वर्षो के वाम मोर्चे के शासन का अंत कर कमल खिलाने का मुख्य सूत्रधार माना जाता है।उन्होंने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा कि भाजपा बंगाल में 27-30 सीट जीतेगी और तृणमूल कांग्रेस का अगले विधानसभा चुनाव में सफाया हो जाएगा। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के मंत्र के अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी मुस्लिम तुष्टिकरण राजनीति को जाएगा।

देवधर ने कहा, "जब मैं बंगाल आया, मैंने सोचा कि हम 20-21 सीट जीतने में सफल होंगे और तब मैंने कहा था '19 में हाफ 21 में साफ' (यानी तृणमूल की सीट 2019 लोकसभा चुनाव में घटकर आधी हो जाएगी और 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल का सफाया हो जाएगा)। लेकिन मैं अब कह सकता हूं कि हम 27-30 सीट जीतेंगे और तृणमूल का 2021 विधानसभा चुनाव में सफाया हो जाएगा।"

देवधर को पार्टी नेतृत्व ने अंतिम चरण की नौ सीटों के लिए राज्य में तैनात किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा तृणमूल से इन नौ सीटों में से छह सीटों को छीनने में सफल रहेगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा हिंदी पट्टी में संभावित क्षति की भारपाई के लिए पश्चिम बंगाल पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है, उन्होंने कहा, "नहीं.नहीं.नहीं.बोनस..बंगाल हमारे लिए बोनस होने जा रहा है। भाजपा बिना बंगाल के ही बहुमत के आंकड़े को पार करेगी। वास्तव में बंगाल हमें 300 के आंकड़े को पार करने में मदद करेगा। इसे क्षतिपूर्ति मत कहिए..यह हमारे लिए बोनस होगा।"

देवधर ने 2014 में मोदी के चुनाव प्रचार में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल, 2014 में उत्तर प्रदेश की तरह 'चौंकाने' वाला साबित होगा।

उन्होंने कहा, "इस बदलाव का श्रेय ममता बनर्जी को जाएगा। उन्होंने खुद के लिए ताबूत की आखिरी कील ठोंक दी है। लोग पैरों में कुल्हाड़ी मारते हैं, ममता कुल्हाड़ी में पैर मार रही हैं।"

उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने मुस्लिमों के तुष्टिकरण करने के लिए हरकुछ किया, जबकि मोदीजी बिना भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए काम करते रहे। उन्होंने बिना यह देखे कि कौन हिंदू है, कौन मुस्लिम है, लोगों के बैंक खाते खोले, गैस सिलंडर दिया, बिजली व घर मुहैया कराए। वह ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने देश को जमीन, आसमान में ही नहीं अंतरिक्ष में सुरक्षित किया।"

देवधर ने कहा कि वामपंथियों ने राजनीतिक हिंसा, हत्याओं और लोगों को मत देने के संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोककर पश्चिम बंगाल में 24 साल और त्रिपुरा में 25 सालों तक शासन किया।

उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी इन बुराइयों से लड़ने के बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता में आईं। वामपंथी जो यहां पहले करते थे, तृणमूल आज वही यहां कर रही है। अब पश्चिम बंगाल के लोग उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। वह पुलिस और प्रशासन की मदद से लोगों में डर की भावना पैदा कर रही है। वह सत्ता में बने रहने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, लेकिन जीतेगी तो भाजपा ही..आएगा तो मोदी ही।"

(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2019 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).