कश्मीर में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए: महबूबा मुफ्ती ने फारूक अब्दुला से कहा
कश्मीर घाटी में केंद्रीय बलों के करीब 10,000 जवानों को भेजने के आदेश के कुछ दिन बाद पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से जम्मू कश्मीर में मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया. मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में लोगों के बीच दहशत फैल गयी है.
श्रीनगर. कश्मीर घाटी में केंद्रीय बलों के करीब 10,000 जवानों को भेजने के आदेश के कुछ दिन बाद पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से जम्मू कश्मीर में मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया. मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में लोगों के बीच दहशत फैल गयी है. मैंने डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब से सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है. एक साथ होकर काम करने और एकजुट जवाब देने की जरूरत है. हम कश्मीरियों को साथ मिलकर खड़े होने की जरूरत है.’’
राज्य प्रशासन की ओर से जारी ताजा आदेश के बाद सोमवार को भी कश्मीर में हलचल तेज रही। अटकलें लगने लगी है कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार राज्य को विशेष दर्जा के संबंध में बड़ा निर्णय करने वाली है. यह भी पढ़े-फारुक अब्दुल्ला ने पीएम मोदी से मुलाकात का समय मांगा, जम्मू कश्मीर की स्थिति से कराएंगे अवगत
In light of recent developments that have caused a sense of panic amongst people in J&K, I’ve requested Dr Farooq Abdullah sahab to convene an all party meeting. Need of the hour is to come together & forge a united response. We the people of Kashmir need to stand up as one
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) July 29, 2019
घाटी में अनिश्चितता के बीच मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगने को लेकर अपना प्रयास तेज कर दिया है. इसी संदर्भ में फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट का वक्त मांगा है. राजग नेतृत्व वाले केंद्र ने हाल में घोषणा की थी कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 100 और कंपनियां (10,000 जवान) राज्य में भेजी जाएंगी.
सरकार ने कहा है कि कश्मीर घाटी में आतंक रोधी प्रयासों और कानून -व्यवस्था से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए जवानों की तैनाती की जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र अनुच्छेद 35 ए को खत्म कर सकता है. यह अनुच्छेद राज्य के निवासियों को सरकारी नौकरी और जमीन के अधिकार के मामले में विशिष्ट अधिकार प्रदान करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2019 08:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

