एग्जिट पोल में अकेले बहुमत नहीं पा सकी एएफडी
जर्मन राज्य सैक्सनी अनहाल्ट के चुनावों के एग्जिट पोल आ गए हैं.
जर्मन राज्य सैक्सनी अनहाल्ट के चुनावों के एग्जिट पोल आ गए हैं. इसमें एएफडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि वह सरकार बनाने के लिए जरूरी 50 फीसदी वोट हासिल नहीं कर सकी है.जर्मन राज्य सैक्सनी अनहाल्ट में चुनावी मतगणना के शुरुआती रुझानों में एएफडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि वह सरकार बनाने के लिए जरूरी 50 फीसदी वोट हासिल नहीं कर सकी. अब तक हुई मतगणना के अनुसार एएफडी को 44.2 फीसदी वोट मिले हैं. दूसरी सबसे बड़ी पार्टी जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की पार्टी सीडीयू रही. इसे 18 फीसदी वोट मिले.
सैक्सनी अनहाल्ट में रविवार को हुए विधानसभा चुनाव पर पूरे जर्मनी सहित दुनियाभर की नजरें थीं. पार्टी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या वह अपने दम पर बहुमत हासिल कर पाएगी. इन चुनावों को लेकर वोटर्स में भी भारी उत्साह दिखा.
राज्य में 76.5 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. यह 2021 में चुनाव में पड़े कुल वोटों, 60.3% से काफी ज्यादा हैं. राज्य में करीब 17 लाख मतदाता हैं और 2,130 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई.
चुनाव पूर्व के सर्वेक्षणों में भी एएफडी 40 प्रतिशत से ज्यादा समर्थन के साथ सबसे आगे चल रही थी. आधिकारिक नतीजों की उम्मीद सोमवार सुबह तक की जा रही है.
जर्मनी में किसी भी प्रांतीय चुनाव में एएफडी ने पहली बार रिकॉर्ड नतीजे हासिल किए हैं. सत्ताधारी सीडीयू पार्टी के मतों में भारी गिरावट आई है. पिछले बार के चुनावों के मुकाबले देखें तो एएफडी ने अपना जनाधार दोगुना किया है, जबकि सत्ताधारी सीडीयू का जनाधार राज्य में घटकर करीब आधा रह गया है.
सैक्सनी-अनहाल्ट में एएफडी का लक्ष्य अकेले सरकार बनाना था. इसके लिए उसे विधानसभा की 83 सीटों पर बहुमत पाना जरूरी है. सीटों की संख्या इस बात पर निर्भर करेगी कि कितनी पार्टियां विधानसभा में पहुंचती हैं. एएफडी, सीडीयू, एसपीडी, लेफ्ट पार्टी और ग्रीन पार्टी का विधानसभा में पहुंचना तय है. बीएसडब्ल्यू को अंतिम नतीजों का इंतजार करना होगा.
अगर एएफडी को विधानसभा में पूर्ण बहुमत नहीं मिलता तो सरकार बनाने के लिए उसे किसी दूसरी पार्टी के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. जर्मनी की मुख्यधारा की पार्टियां अब तक एएफडी के साथ सहयोग से इनकार करती रही हैं. इस रणनीति को राजनीतिक फायरवॉल कहा जाता है.
जर्मनी के चुनावी नियमों के अनुसार विधानसभा में पहुंचने के लिए पार्टियों को कम से कम 5 फीसदी वोट की जरूरत होती है. इससे कम वोट पाने वाली पार्टियां विधानसभा में प्रवेश नहीं कर पातीं. एग्जिट पोल के अनुसार एएफडी, सीडीयू, एसपीडी और लेफ्ट पार्टी के अलावा ग्रीन और बीएसडब्ल्यू जैसी छोटी पार्टियां भी विधानसभा में पहुंचती दिख रही हैं.