पीएम मोदी ने मन की बात में स्वामी विवेकानंद का किया जिक्र, बोले- 'लक्ष्य के लिए पैशन और डेडिकेशन जरूरी'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के पहले मन की बात में स्वामी विवेकानंद को नमन किया. पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के पैशन और डेडिकेशन को प्रेरणास्पद बताया.
नई दिल्ली, 19 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के पहले मन की बात में स्वामी विवेकानंद को नमन किया. पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के पैशन और डेडिकेशन को प्रेरणास्पद बताया.
उन्होंने कहा, "स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जिस व्यक्ति में अपने आइडिया को लेकर जुनून होता है, वही अपने लक्ष्य को हासिल कर पाता है. किसी आइडिया को सफल बनाने के लिए हमारा पैशन और डेडिकेशन सबसे जरूरी होता है. पूरी लगन और उत्साह से सफलता का रास्ता अवश्य निकलता है. कुछ दिन पहले ही स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर, मुझे 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला. यहां मैंने देश के कोने-कोने से आए युवा साथियों के साथ अपना पूरा दिन बिताया. युवाओं ने स्टार्टअप, कल्चर, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई क्षेत्रों को लेकर अपने विचार साझा किए. यह कार्यक्रम मेरे लिए बहुत यादगार रहा." यह भी पढ़ें : देश की खबरें | निर्वाचन आयोग ने तकनीक की शक्ति का उपयोग किया, निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्धता दिखाई: मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा, "कुछ दिन पहले ही स्टार्टअप इंडिया के नौ साल पूरे हुए हैं. हमारे देश में जितने स्टार्टअप नौ साल में बने हैं, उनमें से आधे से ज्यादा टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं. हमारा स्टार्टअप कल्चर बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि छोटे शहरों के स्टार्टअप में आधे से ज्यादा का नेतृत्व हमारी बेटियां कर रही हैं. जब यह सुनने को मिलता है कि अंबाला, हिसार, कांगड़ा, चेंगलपट्टु, बिलासपुर, ग्वालियर और वाशिम जैसे शहर स्टार्टअप के सेंटर बन रहे हैं तो मन आनंद से भर जाता है."
इससे पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस है. यह दिन इसलिए अहम है क्योंकि इस दिन भारतीय निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी. हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान में चुनाव आयोग को, लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी को बहुत बड़ा स्थान दिया है. देश में जब 1951-52 में पहली बार चुनाव हुए तो कुछ लोगों को संशय था कि क्या देश का लोकतंत्र जीवित रहेगा, लेकिन हमारे लोकतंत्र ने सारी आशंकाओं को गलत साबित किया. भारत लोकतंत्र की जननी है. बीते दशकों में भी देश का लोकतंत्र सशक्त और समृद्ध हुआ है. मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद दूंगा, जिसने समय-समय पर हमारी मतदान प्रक्रिया को आधुनिक बनाया और मजबूत किया है.
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने जनशक्ति को और शक्ति देने के लिए तकनीक की शक्ति का उपयोग किया. मैं चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव कराने की उसकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई देता हूं. मैं देशवासियों से कहूंगा कि वे ज्यादा-से-ज्यादा संख्या में अपने मत के अधिकार का उपयोग करें और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें. जनभागीदारी लोकतंत्र को सशक्त बनाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2025 01:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

