PM Modi Congratulates Mirabai Chanu: मीराबाई चानू के ऐतिहासिक गोल्ड पर पीएम मोदी ने दी बधाई, बोले- हर भारतीय के लिए हैं प्रेरणा
मीराबाई चानू और राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स को एशियाई खेलों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. इस साल जापान में होने वाले एशियन गेम्स में मीराबाई 49 किलोग्राम वर्ग में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि एशियन गेम्स के बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की नई भार वर्ग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वह भविष्य में 53 किलोग्राम वर्ग में भी प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं.
PM Modi Congratulates Mirabai Chanu: भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली चानू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी. पीएम मोदी ने उनकी इस उपलब्धि को भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक और गौरवशाली अध्याय बताया और कहा कि मीराबाई देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा हैं. Mirabai Chanu Wins At CWG 2026: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, महिला 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता गोल्ड, भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है. लगातार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड और कुल चौथा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीतने वाली मीराबाई हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं. उन्हें हार्दिक बधाई. उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार अध्याय जुड़ा है:
मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार जीता गोल्ड
ग्लासगो के एसईसी आर्माडिलो एरीना में आयोजित महिला 48 किलोग्राम वर्ग के मुकाबले में मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया. उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस प्रदर्शन को कॉमनवेल्थ गेम्स में इस वर्ग का नया रिकॉर्ड भी माना जा रहा है.
इस जीत के साथ भारत को वेटलिफ्टिंग स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक मिला. मीराबाई पूरे मुकाबले में शुरुआत से ही स्वर्ण पदक की सबसे प्रबल दावेदार थीं और उन्होंने बिना किसी जोखिम के अपने सभी महत्वपूर्ण प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए.
कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार रहा मीराबाई का सफर
31 वर्षीय मीराबाई चानू ने पहली बार 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था. इसके बाद उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता और फिर 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में अपने खिताब का सफल बचाव किया. अब ग्लासगो 2026 में गोल्ड जीतकर उन्होंने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. मीराबाई टोक्यो ओलंपिक 2020 की रजत पदक विजेता भी हैं और विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी कई पदक जीत चुकी हैं.
अब एशियाई खेलों पर नजर
मीराबाई चानू और राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स को एशियाई खेलों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. इस साल जापान में होने वाले एशियन गेम्स में मीराबाई 49 किलोग्राम वर्ग में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि एशियन गेम्स के बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की नई भार वर्ग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वह भविष्य में 53 किलोग्राम वर्ग में भी प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं.