Mangal Pandey Birth Anniversary 2026: देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और महान क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. नेताओं ने 1857 की क्रांति में उनके अद्वितीय योगदान, अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया. पीएम मोदी ने कहा कि मंगल पांडे का साहसी जीवन आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देता है.
पीएम मोदी ने मंगल पांडे के साहस को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर देश की ओर से महान क्रांतिकारी को नमन किया. उन्होंने लिखा, "महान क्रांतिकारी मंगल पांडे जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन. मातृभूमि के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. उनका साहसी जीवन आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देता है. देशभक्ति से ओत-प्रोत उनकी वीरता की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी."
पीएम मोदी का पोस्ट
महान क्रांतिकारी मंगल पांडे जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। मातृभूमि के स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका साहसिक जीवन आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देता है। राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत उनकी शौर्यगाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 19, 2026
लोकसभा अध्यक्ष और रक्षा मंत्री ने जताया आभार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए मंगल पांडे को अदम्य साहस का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि मंगल पांडे के बलिदान ने क्रांति की जिस चिंगारी को सुलगाया था, वही आगे चलकर आजादी की एक महाज्वाला में बदल गई.
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगल पांडे को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का 'नायक' और अटूट देशभक्ति का 'अमर प्रतीक' कहा. उन्होंने रेखांकित किया कि जिस निडरता के साथ मंगल पांडे ने विदेशी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंका था, उसने अनगिनत देशवासियों को स्वतंत्रता की लड़ाई में कूदने की प्रेरणा दी. राजनाथ सिंह ने कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा.
देश की आजादी की रखी थी नींव: जेपी नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि भारत माता के इस वीर सपूत द्वारा ब्रिटिश शासन के खिलाफ किए गए संघर्ष ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम की मजबूत नींव रखी थी. देश के लिए उनका समर्पण आने वाली सदियों तक सभी नागरिकों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा.
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व
मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था. वह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में एक सैनिक थे. 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत की थी, जिसे भारत के पहले सुनियोजित स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत माना जाता है. उनके इस कदम ने पूरे देश में ब्रिटिश विरोधी लहर पैदा कर दी थी.













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