Sonipat Pitbull Horror: सोनीपत में 6 महीने के मासूम पर टूट पड़ा पिटबुल; जबड़े में दबाकर सड़क पर घसीटा, रोहतक पीजीआई में बच्चा गंभीर
हरियाणा के सोनीपत जिले की सिक्का कॉलोनी में पिटबुल नस्ल के पालतू कुत्ते द्वारा 6 महीने के मासूम बच्चे पर जानलेवा हमले की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। बुआ की गोद में टहलने निकले बच्चे पर पिटबुल ने अचानक झपट्टा मार दिया, जिससे महिला और बच्चा दोनों जमीन पर गिर पड़े. कुत्ते ने मासूम को अपने जबड़ों में दबाकर सड़क पर कई मीटर तक घसीटा.
सोनीपत: रिहायशी इलाकों में आक्रामक और खूंखार नस्ल के पालतू कुत्तों की मौजूदगी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है. हरियाणा के सोनीपत स्थित सिक्का कॉलोनी में एक पिटबुल कुत्ते ने महज 6 महीने के दुधमुंहे बच्चे पर हमला कर दिया.
रिपोर्ट के अनुसार, वारदात के वक्त बच्चे की बुआ उसे गोद में लेकर गली में टहला रही थीं. हमले में बच्चे के शरीर पर गहरे जख्म आए हैं और सिर तथा चेहरे पर गंभीर चोटों के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआईएमएस रोहतक (PGIMS Rohtak) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है.
सीसीटीवी में कैद खौफनाक मंजर: जबड़े में दबाकर घसीटता रहा कुत्ता
रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हमला कितना अचानक और घातक था:
- गली में एक घर से दो कुत्ते बाहर निकलते हैं, जिनमें से एक पिटबुल महिला और बच्चे को देखते ही आक्रामक हो जाता है.
- कुत्ता तेजी से दौड़कर महिला पर झपटता है, जिससे उसका संतुलन बिगड़ जाता है और वह बच्चे समेत सड़क पर गिर पड़ती है.
- जमीन पर गिरते ही पिटबुल ने मासूम को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया.
- बुआ ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे को बचाने की कोशिश की, जिससे वह खुद भी जख्मी हो गईं. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और लगातार डंडे-चप्पल मारकर काफी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते के मुंह से छुड़ाया गया.
सोनीपत में 6 महीने के बच्चे पर कुत्ते ने हमला किया
The baby's family has not yet filed a police complaint, according to reports.
प्राथमिक इलाज के बाद रोहतक रेफर, हालत नाजुक
रिपोर्ट के मुताबिक, लहूलुहान बच्चे को परिजन तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे रोहतक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
- परिजनों का कहना है कि वे फिलहाल बच्चे की जान बचाने और उसके इलाज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
- पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित परिवार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी गई है. शिकायत मिलने पर कुत्ते के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रिहायशी कॉलोनियों में आक्रामक नस्ल के कुत्तों पर फिर उठे सवाल
इस भयावह घटना के बाद सिक्का कॉलोनी के निवासियों में गहरा आक्रोश और दहशत है:
- स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि घनी आबादी वाले मोहल्ले में बिना मजल (मास्क) और पट्टे के खूंखार कुत्ते को खुला कैसे घूमने दिया गया?
- इससे पहले दिल्ली के विनय एन्क्लेव में भी एक पिटबुल ने 6 साल के मासूम पर हमला कर उसका कान चबा डाला था, जिसमें मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था.
भारत में पिटबुल को लेकर क्या हैं नियम?
रिपोर्ट के अनुसार, पूरे भारत में पिटबुल को पालने पर कोई एक समान राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं है:
- स्थानीय निकायों के नियम: चंडीगढ़, गाजियाबाद और नोएडा जैसे कई नगर निगमों ने अपने अधिकार क्षेत्र में पिटबुल, रॉटवीलर और डोगो अर्जेंटिनो जैसी आक्रामक नस्लों को पालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है.
- मालिक की जिम्मेदारी: जहां प्रतिबंध नहीं है, वहां भी नगर पालिकाओं के दिशा-निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कुत्तों को पट्टे (Leash) और मजल के बिना निकालना गैरकानूनी है.
सोनीपत की इस घटना ने एक बार फिर आवासीय इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पालतू कुत्तों के मालिकों की आपराधिक लापरवाही को बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है.