Maharashtra FDA Crackdown: महाराष्ट्र में चाइनीज फूड स्टॉलों की जांच के आदेश; एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दिए सख्त निर्देश
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्य भर के चाइनीज फूड स्टॉलों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जांच के लिए अभियान शुरू किया है. एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और लाइसेंस की कड़ाई से जांच के निर्देश दिए हैं.
मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Maharashtra Food and Drug Administration)(FDA) ने राज्य भर में सड़क किनारे चलने वाले चाइनीज फूड स्टॉलों और खान-पान की दुकानों (Chinese Food Stalls and Eateries) के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू करने का फैसला किया है. विभिन्न शहरों और कस्बों से गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर मिली सार्वजनिक शिकायतों के बाद एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने यह निर्देश जारी किया है.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं द्वारा उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता, भोजन पकाने के तरीके, भंडारण व्यवस्था और समग्र स्वच्छता मानकों का मूल्यांकन करना है.
जांच का मुख्य दायरा और फोकस बिंदु
एफडीए अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यह अभियान किसी घटक या खाद्य रंग पर प्रतिबंध लगाने के बजाय मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए है.
निरीक्षण के दौरान अधिकारी निम्नलिखित मानकों की जांच करेंगे:
सामग्री की गुणवत्ता: उपयोग किए जाने वाले सॉस, तेल, एमएसजी (MSG) और अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता.
स्वच्छता और सफाई: भोजन तैयार करने की जगह और आसपास का स्वच्छता वातावरण.
भंडारण और लाइसेंस: खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण की स्थिति तथा विक्रेताओं के पास वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस या पंजीकरण.
पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा, "जनता से मिली शिकायतों के बाद हम जल्द ही इन स्टॉलों पर परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और उपयोग की जाने वाली सामग्रियों की जांच करेंगे. नागरिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
जनभागिता और टोल-फ्री नंबर पर जोर
एफडीए ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और घटिया उत्पादों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। तुकाराम मुंढे ने बताया कि विभाग ने शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री नंबर और ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिस पर नागरिकों की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया मिल रही है.
आयुक्त ने कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट की कैंटीन से लेकर सरकारी दफ्तरों तक नियमों के तहत निरीक्षण किया जा रहा है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे असुरक्षित या मिलावटी भोजन की शिकायत आधिकारिक माध्यमों पर दर्ज कराएं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासनिक तबादलों पर तुकाराम मुंढे का रुख
अपने दो दशक से अधिक के आईएएस (IAS) करियर के दौरान 20 से अधिक तबादलों का सामना करने वाले तुकाराम मुंढे ने प्रशासनिक बदलावों पर भी प्रतिक्रिया दी.
तबादलों के सवाल पर उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले तबादले उन्हें प्रभावित नहीं करते हैं. परिवर्तन प्रगति का एक स्वाभाविक हिस्सा है और नए स्थानों पर जाने से अधिक क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिलता है.