'एक बार जो मैंने कमिट किया, फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता', एयर चीफ मार्शल के शब्द सुन खौफ में आ जाएगा पाकिस्तान
पाकिस्तान को 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए तगड़ी चोट देने के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय सेना के पराक्रम का लोहा मान लिया है. भारतीय वायुसेना को दुनिया की दूसरी सबसे ताकतवर वायुसेना कहा जाने लगा है. ऐसे में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को जो कहा, उसमें इतना विश्वास था कि यह पाकिस्तानी सेना के अंदर खौफ पैदा करने के लिए काफी था.
नई दिल्ली, 29 मई : पाकिस्तान को 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए तगड़ी चोट देने के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय सेना के पराक्रम का लोहा मान लिया है. भारतीय वायुसेना को दुनिया की दूसरी सबसे ताकतवर वायुसेना कहा जाने लगा है. ऐसे में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को जो कहा, उसमें इतना विश्वास था कि यह पाकिस्तानी सेना के अंदर खौफ पैदा करने के लिए काफी था. एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने साफ कहा, ''हमने हिंदुस्तान का कमिटमेंट दुनिया के सामने दोहराया है. प्राण जाए पर वचन न जाए. यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है.''
उन्होंने सेना के आत्मविश्वास की झलक अपने शब्दों के जरिए भी बयां की, जब उन्होंने सलमान खान की फिल्म का एक डायलॉग इस्तेमाल करते हुए सधे शब्दों में दुश्मनों को चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा, ''एक बार जो मैंने कमिट किया, फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता.'' सीआईआई समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दुश्मनों को सख्त लहजे में चेतावनी दे दी और बता दिया कि भारत अब किसी भी परिस्थिति में अपने खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का सटीक और सीधा जवाब देगा. यह भी पढ़ें : उप्र सरकार और ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए
अमर प्रीत सिंह ने सीआईआई बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमें यह स्पष्ट रूप से बता दिया है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं और भविष्य में हमें क्या चाहिए. इसलिए हमें अपनी विचार प्रक्रियाओं को फिर से संगठित करने के लिए बहुत काम करने की जरूरत है, जो पहले से ही चल रहा है. उन्होंने साफ कह दिया कि हिंदुस्तान की सेना एक ही बात में यकीन करती है कि एक बार जो कमिटमेंट कर लिया तो फिर हम अपने आप की भी नहीं सुनते. एयर चीफ मार्शल ने कहा, "हर दिन, हम नई तकनीकें खोज रहे हैं. भविष्य में भी, हम एक राष्ट्र के रूप में माल वितरित करने में सक्षम होंगे और हम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम होंगे.''
उन्होंने कहा, ''एएमसीए-उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान को निजी उद्योग की भागीदारी के लिए भी मंजूरी दे दी गई है, जो एक बहुत बड़ा कदम है और आज देश को निजी उद्योग पर इस तरह का भरोसा है और मुझे यकीन है कि यह भविष्य में आने वाली बड़ी चीजों का मार्ग प्रशस्त करेगा." हालांकि, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने रक्षा खरीद परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, ''कई बार अनुबंध पर हस्ताक्षर करते समय हम जानते हैं कि वे प्रणालियां कभी नहीं आएंगी. समय सीमा एक बड़ा मुद्दा है. मैं एक भी परियोजना के बारे में नहीं सोच सकता, जो समय पर पूरी हुई हो. हम ऐसा वादा क्यों करें, जो पूरा नहीं हो सकता.'' वायुसेना प्रमुख ने रक्षा प्रणालियों में देरी के कई मामलों की ओर इशारा किया, खासतौर पर स्वदेशी परियोजनाओं से जुड़े मामलों की ओर उनका इशारा था.
उन्होंने आगे कहा, ''हम सिर्फ भारत में उत्पादन के बारे में बात नहीं कर सकते, हमें डिजाइनिंग के बारे में भी बात करनी होगी. हमें सेना और उद्योग के बीच विश्वास की जरूरत है. हमें बहुत खुलापन दिखाने की जरूरत है. एक बार जब हम किसी चीज के लिए प्रतिबद्ध हो जाते हैं, तो हमें उसे पूरा करना चाहिए. वायु सेना भारत में निर्माण के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है.'' एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने साफ संदेश दे दिया कि हमें भविष्य के लिए अभी से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि 10 साल में हमें उद्योग से ज्यादा उत्पादन मिलेगा, लेकिन हमें आज जो चाहिए, वह आज चाहिए. हमें जल्दी से जल्दी अपने कामों को एक साथ करने की जरूरत है. उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा कि युद्ध सेनाओं को सशक्त बनाकर जीते जाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 29, 2025 03:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

