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Somvati Amavasya 2021: सोमवती अमावस्या पर उमडा आस्था का सैलाब

कोविड के बढ़ते खौफ के बावजूद सोमवती अमावस्या के मौके पर महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान में सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और इस मौके पर 25-30 लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगायी .

Somvati Amavasya 2021: सोमवती अमावस्या पर उमडा आस्था का सैलाब
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo: Wikimedia Commons)

हरिद्वार/देहरादून, 13 अप्रैल : कोविड (Covid) के बढ़ते खौफ के बावजूद सोमवती अमावस्या के मौके पर महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान में सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और इस मौके पर 25-30 लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगायी. शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि शाही स्नान में 25—30 लाख साधु संतों और श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर कुंभ का पुण्यलाभ कमाया . मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने शाही स्नान के सुरक्षित और सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार महाकुंभ— 2021 (Haridwar Mahakumbh - 2021) का दूसरा शाही स्नान भी कोविड-19 के दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपन्न हो गया . देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कोविड की विपरीत परिस्थितियों में कुंभ के आयोजन में चुनौतियां बहुत हैं लेकिन हमारी सरकार ने उन चुनौतियों का स्वीकार किया और कुंभ को दिव्यता और भव्यता के साथ सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया . सभी 13 अखाड़ों से जुडे साधु संतों ने अपने अनुयायियों के साथ मुख्य स्नान घाट हर की पैड़ी पर असीम आस्था और अपार उत्साह के साथ मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाई . अमृत कलश से छलकी बूंदो का पुण्य कमाने के लिये देश के कोने कोने से उमडे़ श्रद्धालुओं ने भी यहां शहर के अन्य घाटों पर गंगा में डुबकी लगाई और कुंभ स्नान का पुण्य कमाया .

शाही स्नान के दौरान महाकुंभ मेले की व्यवस्था की स्वयं निगरानी करने पहुंचे प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार (Ashok Kumar) ने बताया कि शाही स्नान निर्विघ्न रूप से संपन्न हुआ और कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई . सबसे पहले श्री पंचायती निरंजनी अखाडे़ के साधु संत और नागा संन्यासी अपने पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज की अगुवाई में स्नान के लिए हर की पैड़ी ब्रहमकुंड पहुंचे . कैलाशानंद गिरी महाराज ने सबसे पहले गंगा पूजन किया और अखाडे़ के इष्ट देव कार्तिकेय भगवान की डोली को गंगा स्नान कराया . इसके बाद अखाडे़ के अन्य साधु संतों ने गंगा में डुबकी लगायी . निरंजनी अखाड़े के साथ ही आनंद अखाड़े के संतों ने अपने आचार्य बालकानंद गिरी के साथ गंगा स्नान किया और अपने इष्टदेवों के साथ नदी में डुबकी लगाई . महाकुंभ में भाग लेने के लिए पहली बार हरिद्वार पहुंचे पूर्व नेपाल नरेश राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह ने भी निरंजनी अखाडे़ के साथ ब्रह्म कुंड में शाही स्नान किया. इसके बाद शाही स्नान के क्रम में जूना अखाडा के हजारों साधु—संत और नागा संन्यासी अपने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज, अखाडे़ के अध्यक्ष महंत हरि गिरी सहित अन्य महंतों के नेतृत्व में गंगा स्नान के लिए पहुंचे . जूना अखाडे़ ने सबसे पहले अपने इष्टदेव भगवान दत्तात्रेय की पालकी को स्नान कराया. इष्टदेव के स्नान करते हुए हजारों नागा हर—हर महादेव का जयघोष करते हुए गंगा में कूद पड़े. मोक्ष की कामना में गंगा की अविरल धारा में स्नान करते नागाओं का उत्साह देखते ही बनता था. यह भी पढ़ें : Baisakhi 2021: बैसाखी पर अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब के लाखों लोगों ने किए दर्शन, देखें तस्वीरें

जूना अखाड़े के साथ अग्नि, आवाहन के नागा साधुओं और संतो ने भी स्नान किया. इसके अलावा, हरिद्वार महाकुंभ में पहली बार किन्नर अखाड़े ने भी शाही स्नान किया . किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीमणि त्रिपाठी की अगुवाई में सैकड़ों किन्नर संत ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए हरकी पैड़ी पहुंचे और शाही स्नान किया . हांलांकि, इसी बीच महामंडलेश्वर लक्ष्मीमणि त्रिपाठी अचानक बेहोश हो गयीं जिसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से एक निजी अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़े व अटल अखाड़े के साधु संत बैंड बाजे के साथ निर्वाणी अखाडे़ के आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद महाराज की अगुवाई में हरकी पैड़ी पहुंचे . भगवान सूर्य की पालकी को स्नान कराने के बाद अखाड़ों के संतों ने गंगा स्नान किया. दोपहर में बैरागी संतो के श्री निर्वाणि आणि, श्री दिग्बर अनिव निर्मोही अखाड़ो के महंत राजेन्द्र दास, धर्मदास, बाबा हठ योगी और दुर्गा दास की अगुवाई में अपने अनुयायियों के साथ हर की पैड़ी पर शाही स्नान किया . बैरागी संतो ने भगवान राम और हनुमानजी को इष्ट रूप में स्नान कराया. बैरागी संतो के स्नान में देर लगने के कारण बड़ा अखाड़ा के जुलूस को रोके जाने पर बड़ा अखाड़ा के संत सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. बैरागी अखाड़ो के साथ अनुयायियों की संख्या अधिक होने के कारण हरकी पैड़ी खाली होने में विलंब हुआ जिससे बड़ा अखाड़े के संत नाराज हो गए. हांलांकि, बाद में मेलाधिकारियों के आकर महंत महेश्वर दास तथा अन्य संतों को मनाने के बाद उन्होंने हर की पैड़ी पर गंगा स्नान किया .

इसके बाद संध्या बेला में मुखिया भगत राम के नेतृत्व में पंचायती नया उदासीन अखाड़ा तथा पंचायती निर्मल अखाड़े के साधुओं और सिखों ने स्नान किया. निर्मल संतो ने निशान साहेब को भी स्नान कराया. इस दौरान पूरा क्षेत्र साधु संतों के रंग में डूबा नजर आया . हरकी पैड़ी पर दिन भर कभी 'हर— हर महादेव', कभी 'गंगा मैया की जय' तो कभी 'जय श्रीराम' की गूंज सुनाई देती रही . शाही स्नान के लिए जाते साधु संतों पर उत्तराखंड सरकार की ओर से हैलीकॉप्टर से लगातार पुष्पवर्षा की जाती रही जिससे वातावरण काफी मनोहारी और दिव्य बन गया . शाही स्नान के कारण दैनिक सायं कालीन आरती पर गंगा घाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे . इससे पहले, सुबह सात बजे मेला प्रशासन ने मुख्य स्नान घाट हर की पैड़ी ब्रहमकुंड को पूरा खाली करा लिया जिससे पूरे दिन यहां सभी अखाड़ों के साधु संत शाही स्नान कर सकें . इसके अलावा, हर की पैडी के पास मालवीय घाट भी शाही स्नान के लिए आरक्षित रहा . यह भी पढ़ें : Chaitra Navratri 2021: देशभर में चैत्र नवरात्रि की धूम, माता के मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे भक्त- Photos

सुरक्षा की दृष्टि से 20 हज़ार से भी अधिक पुलिस बलों के जवान और बम निरोधक दस्ते मेला क्षेत्र में तैनात किए गए हैं . कोविड के बढते प्रकोप के बीच हो रहे महाकुंभ शाही स्नान के दौरान आने जाने वाले लोगों को पुलिस के जवान मास्क बांटते और सावधानी बरतने की सलाह देते नजर आए . हर की पैडी तथा अन्य घाटों पर महाकुंभ मेला प्रशासन ने सैनिटाइजर की मशीनें लगाई थीं . शाही स्नान के दौरान मेला स्वास्थ्य अधिकारियों ने 9678 लोगों की कोविड जांच की जिनमें से 26 कोरोनावायरस संक्रमित मिले . इस संबंध में पूछे जाने पर मेला पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने कहा कि शाही स्नान के दौरान कोविड दिशानिर्देशों का अनुपालन करवाने का पूरा प्रयास किया गया हांलांकि श्रद्धालुओं की इतनी बडी संख्या के कारण इसका पूर्ण अनुपालन संभव नहीं था . कोविड 19 के कारण एक माह की अवधि के लिए सीमित कर दिए गए महाकुंभ का यह दूसरा शाही स्नान है . इससे पहले एक मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर महाकुंभ का पहला शाही स्नान पडा था .

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2021 09:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).