लाइट हाउस परियोजना के शिलान्यास पर पीएम मोदी ने कहा, प्रकाश स्तंभ की तरह है यह प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' (एलएचपी) का वर्चुअल शिलान्यास किया. इस दौरान मोदी ने कहा कि ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं.
लखनऊ, 1 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' (एलएचपी) का वर्चुअल शिलान्यास किया. इस दौरान मोदी ने कहा कि ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं. ये 6 प्रोजेक्ट देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे. इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) समेत अन्य मंत्री अवध विहार के कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले नव वर्ष की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि आज नई ऊर्जा के साथ और नए संकल्पों को सिद्ध करने के लिए तेज गति से आगे बढ़ने का शुभारंभ है. आज गरीबों के लिए, मध्यम वर्ग के लिए, घर बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी देश को मिल रही है. मोदी ने कहा तकनीकी भाषा में इसे लाइट हाउस प्रोजेक्ट कहते हैं. वास्तव में यह छह प्रोजेक्ट प्रकाश स्तंभ की तरह है. देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे.
मोदी ने कहा कि, साथियों यह प्रोजेक्ट अब देश के काम करने के तौर तरीकों का एक उत्तम उदाहरण है. हमें इसके पीछे के बड़े विजन को भी समझना होगा. एक समय में आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकताएं में नहीं थी, जितनी होनी चाहिए. सरकार घर निर्माण की बारीकियों और क्वालीटी पर नहीं जाती थी. यह जो बदलाव किए गए हैं, यदि यह बदलाव न होते तो कितना कठिन होता. आज देश ने अलग एप्रोच चुनी है. एक अलग मार्ग अपनाया है.
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साथियों हमारें यहां ऐसी कई चीजें हैं, जो प्रक्रिया में बदलाव किए बिना ऐसे निरंतर चलती जाती है. हाउसिंग से जुड़ा मामला भी, बिल्कुल ऐसा ही रहा है. हमने इसको बदलने की ठानी. हमारे देश को बेहतर टेक्नोलॉजी क्यों नहीं मिलनी चाहिए. हमारे गरीब को लंबे समय तक ठीक रहने वाले घर क्यों नहीं मिलने चाहिए.
उन्होंने कहा कि एक समय में, आवास योजनाएं केंद्रीय सरकारों की प्राथमिकता नहीं थीं, जितना कि होना चाहिए था. हालाँकि, हम जानते हैं कि परिवर्तन सर्वांगीण विकास के बिना असंभव है. देश ने एक नया तरीका और एक अलग राह अपनाई है. सरकार के प्रयासों का बहुत बड़ा लाभ शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग को हो रहा है. मध्यम वर्ग को अपने घर के लिए एक तय राशि के होम लोन पर ब्याज में छूट दी जा रही है. कोरोना संकट के समय भी सरकार ने होम लोन पर ब्याज पर छूट की विशेष योजना शुरू की.
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मोदी ने कहा कि लोगों के पास अब रेरा जैसे कानून की शक्ति भी है. रेरा ने लोगों में ये भरोसा लौटाया है कि जिस प्रोजेक्ट में वो पैसा लगा रहे हैं, वो पूरा होगा, उनका घर अब फसेंगा नहीं. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जो चौतरफा काम किया जा रहा है, वो करोड़ों गरीबों और मध्यम वर्ग परिवारों के जीवन में परिवर्तन ला रहा है. ये घर गरीबों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहे हैं. यह घर देश के युवाओं का समाथ्र्य को बढ़ा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन घरों की चाबी से कई द्वार खुल रहे हैं. घर की चाबी हाथ आने से सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का द्वार खुलता है. इससे एक आत्मविश्वास आता है. ये चाबी उनकी प्रगति का द्वार भी खोल रही है.
उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना संकट के दौरान ही एक और बड़ा कदम भी उठाया गया है. इस योजना का लक्ष्य हमारे वो श्रमिक साथी हैं, जो एक राज्य से दूसरे राज्य में या गांव से शहर में आते हैं. बीते सालों में जो रिफॉर्म किए गये है उसमें कंस्ट्रक्शन परमिट को लेकर हमारी रैंकिंग 185 से सीधे 27 पर आ गई है. कंस्ट्रक्शन से जुड़ी परमिशन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था का विस्तार 2,000 से ज्यादा शहरों में हो गया है. इंफ्रास्ट्रक्च र और कंस्ट्रक्शन पर होने वाला निवेश और विशेषकर हाउसिंग सेक्टर पर किया जा रहा खर्च अर्थव्यवस्था में फोर्स मल्टीप्लायर का काम करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2021 02:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

