Bihar: नेहा की शराब सप्लाई का बड़ा नेटवर्क, परिवार में बहन-पिता भी जा चुके जेल, दिल्ली से फर्स्ट AC में लाती थी शराब; यहां पढ़ें उसके बारे में
समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच से 75 लीटर शराब के साथ पकड़ी गई नेहा कुमारी मामले में पुलिस नेटवर्क की जांच कर रही है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि दिल्ली से लाई गई शराब की आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी.
Neha Liquor Network: बिहार के समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच से 75 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई है. इस मामले में पुलिस ने नेहा कुमारी उर्फ नेहा झा नामक युवती को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली से लाई गई इस शराब की खेप को दरभंगा में कुछ रसूखदार लोगों तक पहुंचाया जाना था.
गुप्त सूचना के आधार पर बंद कूपे में हुई कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल (RPF), शासकीय रेल पुलिस (GRP) और अपराध सूचना शाखा (CIB) की टीम को पहले से ही फर्स्ट एसी कोच में शराब ले जाए जाने की सूचना मिली थी. नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के समस्तीपुर पहुंचते ही टीम ने H-1 कोच में तलाशी शुरू की. यह भी पढ़े: Pune Alcohol Consumption: पुणे में शराब की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 2 वर्षों में बिकी 28.42 करोड़ लीटर, अवैध व्यापार भी बढ़ा
शराब के साथ गिरफ्तार नेहा
संबंधित कूपे का दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा खुलवाने के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो युवती ने इसका विरोध किया. इसके बाद पुलिस टीम ने वीडियोग्राफी कराते हुए सामान की तलाशी ली.
बैग और ब्रीफकेस से बरामद हुई 75 लीटर शराब
पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में युवती के बैग और ब्रीफकेस से विभिन्न ब्रांड की कुल 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई. शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवती को मौके से गिरफ्तार कर लिया.
समस्तीपुर रेल पुलिस के अनुसार, आरोपी नेहा कुमारी का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. हालांकि, बरामदगी के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है.
पिता और बहन का भी रहा है शराब मामले से संबंध
मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी युवती की पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं. बताया जा रहा है कि नेहा परिवार में सबसे छोटी है और उसके पिता पंकज कुमार झा के खिलाफ भी पूर्व में शराब से जुड़े मामले में कार्रवाई हो चुकी है तथा वे जेल जा चुके हैं. इसके अलावा उसकी बहन के खिलाफ भी दरभंगा में शराब तस्करी से जुड़ा मामला दर्ज है और वह भी जेल जा चुकी है. पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं यह पूरा परिवार ही किसी संगठित नेटवर्क के तहत इस अवैध कारोबार से तो नहीं जुड़ा था.
पुलिस खंगाल रही है पूरा सप्लाई नेटवर्क
रेल पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि फर्स्ट एसी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले कोच में शराब की इतनी बड़ी खेप पहुंचना एक गंभीर विषय है. प्राथमिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि नेहा की पहचान कुछ डॉक्टरों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से थी, और शराब की इस खेप को दरभंगा पहुंचाकर उन्हीं रसूखदार लोगों को सौंपा जाना था.
फिलहाल पुलिस शराब के स्रोत, इसे ट्रेन तक पहुंचाने वाले नेटवर्क और अंतिम खरीदारों की पहचान करने में जुटी है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे गिरोह की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी.